ब्यूरो /अमर उजाला, पटनाः बिहार में हुए कथित मिट्टी घोटाले के मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सहित उनके पूरे परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार ने वन व पर्यावरण विभाग से इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
इधर भाजपा नेता नीतिन नवीन नेे जांच को खानापूर्ति बताते हुए कहा है कि कोई भी जांच तेज प्रताप के पद पर रहते हुए संभव नहीं हैै। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि जांच के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी के आरोप को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
बुधवार को इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्य सचिव ने कहा कि पूरे मामले की तहकीकात कराई जाएगी। किस प्रकार मिट्टी भराई की प्रक्रिया आरंभ की गई, कब इसका टेंडर जारी हुआ और कौन आपूर्तिकर्ता है इस सबके बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया है कि संजय गांधी जैविक उद्यान में जो मिट्टी भराई हो रही है वह लालू प्रसाद के परिवार के बन रहे मॉल से निकाल कर लाया जा रहा है। मिट्टी आपूर्ति करने वाले ठेकेदार को 90 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है।
इधर, मोदी के खुलासे के बाद एक और राज पर से परदा उठता दिख रहा है। मोदी का आरोप है कि माल बनाने वाली कंपनी के निदेशक वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री तेज प्रताप यादव और उनके भाई उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव हैं, लेकिन दोनों भाइयों के चुनावी शपथ पत्र और मंत्रियों द्वारा घोषित संपत्ति में इसका जिक्र नहीं है। बिहार विधानसभा का चुनाव नवंबर, 2015 में हुआ है, जबकि, उपलब्ध तथ्यों के मुताबिक ये दोनों 26 जून, 2014 को इस कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल हुए।