बिहार में बोर्ड परीक्षाओं में खुलेआम नकल की चौंका देने वाली घटना सामने आई है। इस घटना से शिक्षा विभाग, प्रशासन और सरकार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नकल की हद तो तब हो गई जब पुलिस पैसे लेकर छात्रों को नकल करवा रही है, और शिक्षा विभाग और प्रशासन मूक दर्शक बना बैठा है।
परिजन स्कूलों में अपने लाडलों को नकल की सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं तो वहीं कई परीक्षार्थियों के रिश्तेदार और मित्र भी परीक्षा कक्षों तक नकल के पर्चे पहुंचा रहे हैं।
बिहार सरकार और शिक्षा विभाग समेत प्रशासन और पुलिस प्रशासन के लिए यह शर्मनाक है। समाचार पत्रों में खुलेआम नकल की तस्वीरें सामने आने से घटना का खुलासा हुआ। नकल को लेकर बिहार की बोर्ड परीक्षाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
जान हथेली पर रखकर नकल
बीते मंगलवार से बिहार में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुवार को समाचार पत्रों में बिहार के हाजीपुर में खुलेआम नकल वाली तस्वीरें सामने आई है। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा हैं कि किस तरह जान हथेली पर रखकर लोग छात्रों को नकल करवा रहे हैं। कई स्कूलों में पूरा का पूरा प्रश्न पत्र ही हल कर परीक्षा हॉल पहुंचाया गया। कुछ स्कूलों में तो परीक्षा कक्ष में ही प्रश्न पत्र हल कर छात्र को पकड़ा दिया गया।
बिहार के हाजीपुर में परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करते हुए ड्यूटी पर तैनात शिक्षिका ने पकड़ लिया लेकिन फिर भी बिना कार्रवाही के छात्र परीक्षा देता रहा। छात्रों को बाकायदा उत्तर लिख कर दिए जा रहे थे जिसका प्रयोग वह नकल मारने में कर रहे थे। 10वीं के कुछ छात्रों के परिजनों ने नकल करने में छात्रों की मदद की।
400 से अधिक परीक्षार्थी निष्कासित
बता दें कि बोर्ड परीक्षा का आयोजन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति(बीएसईबी) कराती है। परीक्षा में सरकारी और सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूलों के 14 लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्ष दे रहे हैं। परीक्षा 24 मार्च तक चलेगी। इस घटना के बाद बीएसईबी का कहना है कि राज्य
भर में पहले दो दिनों में 400 से अधिक परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया। बीएसईबी का कहना है कि उसने नकल रोकने के लिए कड़े निर्देश दे रखे हैं। परीक्षा केंद्र की वीडियोग्राफी की व्यवस्था से लेकर छापामार जांच के लिए उड़न दस्ते भी घूमते हैं।