बिहार के कटिहार में फेयरवेल पार्टी के दौरान एसपी के फायरिंग करने के मामले में पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके सिंघल का कहना है कि इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह मामले की जांच करेंगे और एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एसपी की दिल्ली में हुई पोस्टिंग पर जांच पूरी होने तक रोक लगा दी गई है।
बता दें बिहार में अभी दो दिन पहले ही कई आईपीएस और आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें कटिहार के एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन और डीएम मिथिलेश मिश्रा भी शामिल थे। इसके बाद मंगलवार शाम इनके अधीन काम करने वाले अधिकारियों ने इन्हें फेयरवेल पार्टी दी थी। जिसका आयोजन कटिहार के गोल्फ मैदान में किया गया। इसी दौरान एसपी साहब ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
पार्टी का माहौल था, ऐसे में एसपी और डीएम दोनों ही मस्ती में डूबे नजर आए। एक तरफ जहां मिथिलेश मिश्र शोले फिल्म के गाने 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे' पर थिरकते नजर आए तो दूसरी तरफ एसपी मोहन जैन की खुशी का तो मानो ठिकाना ही नहीं था। एसपी साहब ने खुशी जाहिर करते हुए अचानक हवा में 10 राउंड गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
उन्होंने इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं की कि उनकी ये हरकत किसी की जान भी ले सकती है। क्या किसी सर्वजनिक स्थान पर ऐसा करना कानून का उल्लंघन नहीं है? जब एसपी ऐसा कर रहे थे तब वहां मौजूद डीएम ने भी उन्हें नहीं रोका। वह गाना गाने में पूरी तरह मशगूल दिखे। लेकिन सवाल ये उठता है कि जब जिले का एसपी ही इस तरह से कानून की धज्जियां उड़ायेगा तो आम लोगों से कानून पालन करने की अपेक्षा करना बेकार की बात प्रतीत होती है।