केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के द्वारा 21351 पदों की सिपाही भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के बाद 1 अक्टूबर की परीक्षा के साथ साथ आगामी सारी परीक्षाएं रद्द कर दी गई। इस मामले पर छात्र नेता दिलीप कुमार ने प्रेस वार्ता जारी करते हुए सीएसबीसी के अध्यक्ष को हटाने की मांग की है। उन्होंने पेपर लीक में संलिप्त शिक्षा माफियाओं को 10 साल की सजा देने, स्पीडी ट्रायल कर सजा दिलाने और सारी संपत्ति को जप्त करने से संबंधित कानून बनाने की मांग की है। दिलीप कुमार ने कहा कि चूँकि सीएसबीसी के अध्यक्ष ने अपने कर्तव्य का निर्वहन ठीक से नहीं किया इसलिए उनको पद से हटाया जाना चाहिए।
बीपीएससी की तरह ही सिपाही भर्ती की भी हो परीक्षा
छात्र नेता ने कहा कि बीपीएससी की परीक्षा की तरह ही बिहार पुलिस की भी परीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा कदाचारमुक्त हो और पेपर लीक न हो इसके लिए बीपीएससी ने जो व्यवस्थाएं की थी वही व्यवस्थाएं बिहार पुलिस की परीक्षा में भी हो। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की परीक्षा का परीक्षाकेंद्र जिला के अगल-बगल में हो। उन व्यवस्थाओं में बायोमेट्रिक, मेटल डिटेक्टर से चेकिंग , सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की भी व्यवस्था हो। साथ ही पारदर्शिता लाने के लिए ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और क्वेश्चन बुकलेट परीक्षा समाप्ति बाद परीक्षार्थियों को दे दी जाए, आंसर की जारी हो तथा रिजल्ट प्रकाशन के साथ ही कट ऑफ और सभी परीक्षार्थियों का मार्क्स जारी हो। दिलीप कुमार ने कहा कि फिजिकल टेस्ट के समय ही टेस्ट के तुरंत बाद परीक्षार्थियों को फिजिकल टेस्ट का मार्क्स लिखित रूप से दिया जाए।
मांग नहीं मानी तो करेंगे आन्दोलन
दिलीप कुमार ने कहा कि जब तक ऐसी व्यवस्था लागू नहीं की जाती है तब तक परीक्षा आयोजित ना हो। दिलीप कुमार ने मांग करते हुए कहा कि यह पेपर लीक अंतिम पेपरलीक हो इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, अन्यथा बिहार के छात्र-युवा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।