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Bridge Collapse : अगुआनी पुल मामले में हाईकोर्ट में PIL दायर, तेजस्वी बोले- CBI वाले इंजीनियर तो नहीं

Tue, 06 Jun 2023 01:30 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

याचिकाकर्ता का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले 1717 करोड़ की लागत से बन रहे इस पुल का सुपर स्ट्रक्चर दो बार गिर चुका है। इसका क्या कारण है। इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
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तेजस्वी यादव और पटना हाईकोर्ट की फाइल फोटो। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भागलपुर और खगड़िया को जोड़ने के बनाए जा रहे अगुवानी-सुल्तानगंज पुल गिरने का मामला पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने एक PIL दायर की है। इसमें उन्होंने पुल गिरने का मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर दी है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले 1717 करोड़ की लागत से बन रहे इस पुल का सुपर स्ट्रक्चर दो बार गिर चुका है। इसका क्या कारण है? इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। वहीं तेजस्वी यादव ने सीबीआई से जांच करवाने के सवाल पर कहा कि इस मामले में कहा कि अब कौन क्या कहता है, इस पर हमें कुछ नहीं कहना। जांच में सबकुछ स्पष्ट है कि कौन लोग दोषी हैं, कौन नहीं हैं। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट है। आईआईटी रूड़की भी जांच कर रही है। सीबीआई वाले कोई इंजीनियर तो हैं नहीं।

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तेजस्वी बोले- समय पर पूरा होगा निर्माण
इधर, मंगलवार को डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव निरीक्षण करने भागलपुर पहुंचे। वहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि निर्माण कंपनी को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुल निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा क्योंकि यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जब मैं विपक्ष में था तो पुल के पिलर नंबर 5 का मुद्दा उठाया था।

खगड़िया के कार्यपालक अभियंता को भी सस्पेंड कर दिया गया
पुल गिरने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने जांच का आदेश दिया था और कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद पुल का निर्माण करने वाली एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को काली सूची में डालने की तैयारी की जा रही है और इसके लिए उसे नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि 15 दिन के अंदर कंपनी को यह जवाब देना होगा कि निर्माणाधीन पुल का सुपर स्ट्रक्चर क्यों गिरा? इधर, पुल निर्माण की देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाले खगड़िया के कार्यपालक अभियंता को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इतना ही नहीं वहां जूनियर इंजीनियर को भी हटा दिया गया है। अब बिहार सरकार पुल निर्माण कंपनी से 600 करोड़ की वसूली की तैयारी कर रही है। 
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पूर्व पथ निर्माण मंत्री ने भी की जांच की मांग
वहीं पूर्व पथ निर्माण मंत्री और भाजपा विधायक नितिन नवीन ने कहा है कि सुल्तानगंज में पुल ध्वस्त हुआ उसके जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। नितिन नवीन ने कहा कि 2014 में इस पुल का जब शिलान्यास किया गया। उस समय तेजस्वी यादव पथ निर्माण मंत्री थे, टेंडर जब आवंटित हुआ उस समय भी तेजस्वी यादव ही मंत्री थे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार इसके जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते हैं। सरकार निष्पक्ष जांच कराना चाहती है तो पटना हाईकोर्ट से जांच कराएं।

 

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