अपने पिता के सपनों को साकार करने में सफलता पाने वाली सुमन सौरभ की प्रारंभिक पढ़ाई झाझा में हुई और अपनी मंजिल को प्राप्त करने के लिये फिर आगे की पढ़ाई दिल्ली में रहकर कर रही थी।
बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं फाइनल परीक्षा में जमुई के चार होनहारों ने परचम लहराकर बिहार का नाम रोशन किया। झाझा प्रखंड अंतर्गत नगर क्षेत्र के चरघरा निवासी व झाझा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विनोद यादव की पुत्री सुमन सौरभ ने बीपीएससी की परीक्षा में 253वां रैक लाकर सफलता का परचम लहराया है। अपने पिता के सपनों को साकार करने में सफलता पाने वाली सुमन सौरभ की प्रारंभिक पढ़ाई झाझा में हुई और अपनी मंजिल को प्राप्त करने के लिये फिर आगे की पढ़ाई दिल्ली में रहकर कर रही थी।
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इधर, पुत्री की सफलता पर पिता विनोद यादव और उसकी मां संगीता देवी सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ। कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर अफसर बिटिया सुमन सौरभ के चयन पर माता पिता ने बताया कि आज के समय में बेटी बेटो से कम नही होती है। एक मां बाप को पहचान दिलवाने में बेटी का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। वहीं सिकंदरा के रहने वाली नीतू कुमारी ने 219वां रैंक लाकर एसडीएम पद के लिए चयनित हुईं।
दूसरी बार में पाई सफलता
अपनी सफलता पर नीतू कुमारी ने बताया कि वह अपनी प्रारंभिक पढ़ाई सिकंदरा विद्यालय में ही की थी और इंटर की परीक्षा सिकंदर लौहंडा कॉलेज से पास की थी। जबकि बीटेक पटना से किया था और इसके पहले भी उसने बीपीएससी की परीक्षा दी थी। लेकिन कामयाबी नहीं मिलने के बाद उसने दूसरी बार भी बीपीएससी की परीक्षा दी और 219वां रैंक लाकर सफलता हासिल की है।
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पिता को दिया सफलता का श्रेय
बरहट प्रखंड के भंडरा तपोवन निवासी ललन कुमार भारती ने 349वां रेंक लाकर एसडीएम के पद पर चयनित हुए। ललन के पिता कोलकाता में चप्पल जूता का कारोबार करते हैं। और ललन ने अपनी पढ़ाई दिल्ली के जेएनयू से किया है। ललन ने अपनी सफलता का श्रेर्य अपने पिता को दिया है। अलीगंज निवासी अभिषेक राज ने भी बीपीएससी के परीक्षा में सफलता हासिल की है। अभिषेक ने बताया कि उसकी लग्न, मेहनत और माता-पिता का आशीर्वाद से ही वह बीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है।