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झारखंड: बोकारो में भारी बारिश के बीच स्लरी पौंड का मेढ़ टूटा, सैकड़ों टन स्लरी कोल दामोदर नदी में बहा

Thu, 08 Oct 2026 09:43 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

बोकारो के कथारा क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच कथारा वाशरी के पांच नंबर स्लरी पौंड का मेढ़ बुधवार देर शाम अचानक टूट गया। इसके बाद सैकड़ों टन स्लरी कोल पानी के साथ बहकर दामोदर नदी में जा गिरा।
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बारिश के बीच स्लरी पौंड का मेढ़ टूटा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बोकारो के कथारा क्षेत्र में बीते दो-तीन दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के बीच बुधवार देर शाम सीसीएल कथारा क्षेत्र अंतर्गत कथारा वाशरी के पांच नंबर स्लरी पौंड का मेढ़ अचानक टूट गया। मेढ़ टूटने के बाद पौंड में जमा स्लरी कोल का एक बड़ा हिस्सा पानी के साथ बहकर पास ही बहने वाली दामोदर नदी में समा गया। सैकड़ों टन स्लरी कोल के दामोदर नदी में चले जाने के कारण नदी के पानी का प्रदूषण बढ़ने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।
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इस बड़ी घटना के तुरंत बाद सीसीएल प्रबंधन के अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी और हड़कंप की स्थिति बन गई। पौंड से भारी मात्रा में स्लरी कोल बहकर नदी में चले जाने से सीसीएल को बड़ा आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं, स्लरी कोल के दामोदर नदी में मिलने से नदी के जल पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

स्लरी पौंड के मेढ़ टूटने की मुख्य वजह
कथारा वाशरी के पांच नंबर स्लरी पौंड में पहले रोंगटा और केजीएन प्राइवेट कंपनी द्वारा स्लरी कोल से पोड़ा कोयला बनाने का कार्य किया जाता था। वर्ष 2010 के आसपास पोड़ा कोयला बनाने का यह कार्य बंद हो गया। इसके बाद से वाशरी से निकलने वाली स्लरी लगातार इसी पौंड में जमा होती चली गई। पिछले कई वर्षों से जमा स्लरी का उठाव नहीं हो सका है।

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सर्वे विभाग के आंकड़ों के अनुसार पांच नंबर स्लरी पौंड में करीब 30 हजार टन स्लरी कोल जमा है। पांच नंबर पौंड कथारा वाशरी का अंतिम पौंड है, जहां वाशरी से निकलने वाली स्लरी और पानी जमा होता है। स्लरी का समय पर उठाव नहीं होने के कारण पौंड में जलस्तर लगातार बढ़ रहा था।

इसके अलावा पिछले कई दिनों से पौंड के मेढ़ के नीचे से पानी का रिसाव भी लगातार हो रहा था। क्षेत्र में बीते दो-तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण पौंड में जलभराव बढ़ा और दबाव के चलते बुधवार देर शाम मेढ़ का एक भाग टूट गया। मेढ़ टूटते ही पौंड में जमा स्लरी कोल पानी के साथ बहकर तेजी से दामोदर नदी की ओर चला गया।

स्थल पर पहुंचे सीसीएल के शीर्ष अधिकारी
पौंड का मेढ़ टूटने की जानकारी मिलते ही सीसीएल कथारा क्षेत्र के जीएम एकेबी सिंह, जीएम ऑपरेशन विनोद कुमार, एसओ सिविल शशांक कुमार देव, कथारा कोलियरी के पीओ रंजीत कुमार और पीओ अमरेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

घटना की सूचना मिलते ही ओपी थाना प्रभारी राहुल कुमार राम भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति की पूरी जानकारी ली। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर पौंड की स्थिति और टूटे हुए मेढ़ के भाग का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जीएम एकेबी सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए परियोजना के संबंधित अधिकारियों को बिना किसी विलंब के तत्काल टूटे मेढ़ को बांधने का स्पष्ट निर्देश दिया।

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युद्ध स्तर पर शुरू हुआ मरम्मत का कार्य
जीएम से निर्देश मिलने के बाद गुरुवार सुबह से ही परियोजना प्रबंधन ने टूटे हुए मेढ़ को दुरुस्त करने का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर ओबीआर पत्थर गिराकर डोजर मशीन की मदद से मेढ़ को भरने का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
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कथारा वाशरी प्रबंधन की पहली प्राथमिकता फिलहाल पौंड के टूटे हिस्से को बंद करके स्लरी और पानी के आगे होने वाले बहाव को पूरी तरह रोकना है। हालांकि, बड़ी मात्रा में स्लरी कोल के दामोदर नदी में पहुंच जाने के बाद नदी के पानी की स्थिति पर पड़े प्रभाव को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
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