शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मचा
- फोटो : Amar Ujala
छपरा के सोनपुर थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब गंडक नदी में डूबे 45 वर्षीय अखिलेश पंडित उर्फ भूलन पंडित का शव दो दिन बाद बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार, शिकारपुर वार्ड संख्या-10 निवासी अखिलेश पंडित बुधवार रात धंतोली गंगा घाट पर स्नान करने गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। घाट पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण उनका कोई पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन को अवगत कराया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार को पूरे दिन नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
नदी में बहते शव पर पड़ी नजर
शुक्रवार शाम ग्रामीणों की नजर नदी में बहते एक शव पर पड़ी। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर पता चला कि वह शव अखिलेश पंडित का ही है। सूचना मिलने पर हरिहरनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। हरिहरनाथ थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि नदी से बरामद शव की पहचान डूबे हुए व्यक्ति के रूप में हुई है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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पूर्व मुखिया गगन शाह ने बताया कि अखिलेश पंडित मिट्टी के बर्तन बनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।