केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि बोधगया के महाबोधि मंदिर और आसपास के इलाकों में किए गए बम विस्फोटों में तीन से चार लोग शामिल हो सकते हैं और विस्फोट में डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और शिंदे ने महाबोधि मंदिर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ब्लास्ट की जांच एनआईए की टीम ने शुरू कर दी है।
मंदिर की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले करने पर गृहमंत्री ने कहा कि अभी तक किसी धार्मिक स्थल की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ को नहीं सौंपा गया है। हालांकि इस संबंध में साईं बाबा मंदिर और कुछ अन्य की ओर से भी मांग की गई है। हम इस पर विचार कर रहे हैं।
शिंदे ने कहा कि बोधगया में 13 विभिन्न स्थलों पर बम रखे गए थे, जिनमें से 10 में विस्फोट हुआ। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बम रात्रि में किसी समय रखे गए थे। इसमें तीन से चार लोग शामिल थे।
उन्होंने कहा कि बोधगया में ब्लास्ट किए जाने की पहले से खुफिया जानकारी थी और इसे प्रदेश सरकार के साथ साझा भी किया गया था। इसके बावजूद चूक कहां हुई, इसकी जांच कराई जाएगी।
सुराग देने वालों को 10 लाख रुपये इनाम की घोषणा
एनआईए की टीम ने बम धमाकों का सुराग देने वालों को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।