रेलवे ट्रैक पर फेंके गये बैग
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना में घायल महिला की पहचान दरभंगा जिले के कद्राचक गांव की रहने वाली रानी देवी ने बताया कि वह उस ट्रेन के बोगी संख्या 054374c में सुल्तानगंज में सवार हुई थी। महिला ने बताया कि वह छठ पर्व मनाने के लिए दरभंगा जा रही थी। तभी ऊपर की सीट पर रखे बैग में अचानक ब्लास्ट हुआ और चारों तरफ धुआं धुआं हो गया। ब्लास्ट होते ही ट्रेन में अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग इधर उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही तुरंत वहां रेलवे पुलिस पहुंची और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
रेलवे ट्रैक पर यात्रियों ने थैलों को फेंका
ब्लास्ट के बाद जलते हुए थैलों को यात्रियों ने किसी प्रकार रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर अन्य बोगियों से भी यात्री उतरकर वहां जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही वहां आरपीएफ की टीम ने फायरफाइटर यंत्र से बैग में लगी आग पर नियंत्रण पाया। इस दौरान आउटर सिग्नल पर ट्रेन लगभग 15 से 20 मिनट तक रुकी रही। आग पर काबू पाए जाने के बाद ट्रेन को फिर समस्तीपुर स्टेशन पर लाया गया।
घटनास्थल पर जुटी रेलवे पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे ने कहा- गुरुग्राम से बारूद लेकर आ रहे थे दो लोग, आग लगी
घटना के संबंध में डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान मधुबनी जिला के सकरी निवासी अरविंद मंडल और उनके पुत्र नवेंदु मंडल के रूप में की गई है, जिनके पास से रेलवे पुलिस ने 250 ग्राम गन पाउडर बरामद किया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार करते हुए बताया है कि उन बाप बेटों ने पटाखा बनाने के लिए गुड़गांव से गन पाउडर खरीदा था। आरोपियों ने रेलवे पुलिस को बताया कि छठ के मौके पर अपने घर सकरी लौट रहे थे। गन पाउडर को वह अपने बैग में टाइट पैकेट में बांध रखा था जिस कारण अचानक उससे धुआं निकलने लगा। इस घटना में एक महिला सहित तीन यात्री झुलस गये हैं। डीआरएम विनय श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रेन में बम जैसा कोई ब्लास्ट नहीं हुआ था। गन पाउडर में आग लग गई थी जिसे आरपीएफ और यात्रियों के सहयोग से काबू पाय लिया गया। इस घटना के कारण इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन करीब 15 से 20 मिनट तक आउटर सिंगल पर रुकी रही थी।