बिहार की नई नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर जीतनराम मांझी की नाराजगी थामने के लिए बीजेपी हाई-कमान उन्हें राज्यपाल बनाकर राजभवन भेज सकती है। चूंकि जीतनराम मांझी प्राथमिकता के तौर पर बेटे का राजनीतिक करियर संभालना चाहते हैं, ऐसे में उनके बेटे संतोष सुमन को हम-एस की उसी सीट से चुनाव लड़ाकर विधानसभा भेजा जा सकता है, जिस सीट से अभी जीतनराम मांझी विधायक हैं।
नीतीश कुमार की नई कैबिनेट से मांझी-कुशवाहा नाराज, NDA में हो रही अनदेखी!
जीतनराम मांझी मौजूदा समय में गया जिले के इमामगंज सीट से विधायक हैं। उन्होंने मकदूमपुर सीट से भी 2015 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, पर उन्हें हार मिली थी। ऐसे में बीजेपी उन्हें राज्यपाल बनाकर और उनके बेटे को इमामगंज सीट से समर्थन देकर विधायक बना सकती है।
दरअसल, नीतीश के नए मंत्रिमंडल से नाखुश जीतनराम मांझी ने कहा था कि बिहार की कैबिनेट में उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला। जबकि लोजपा के पास तो केंद्र में भी मंत्रालय है। उसके सांसद भी हैं। इसके बावजूद रामविलास पासवान के भाई को बिहार सरकार में मंत्री बनाया गया है, जबकि वो विधानसभा-विधानपरिसद के सदस्य भी नहीं हैं। मांझी चाहते हैं कि उनके बेटे संतोष सुमन को भी सही जगह मिले।
ऐसे में बीजेपी की कोशिश है कि वो सहयोगियों को एकजुट रखे, इसके लिए मांझी को राज्यपाल बनाने का कदम उठा सकती है।