जदयू ने चार राज्यों में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान कर भाजपा को तेवर दिखाए हैं। नीतीश कुमार की पार्टी ने साफ कहा है कि एनडीए अगर इसे चेतावनी समझे, तो उसे फर्क नहीं पड़ता।
पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि वाजपेयी के समय भी एनडीए से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश राजस्थान और कर्नाटक में हमारा गठबंधन था। हम मिल कर चुनाव लड़े थे।
अपने संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए हमने तय किया है कि जहां हमारी पकड़ मजबूत है, हम मैदान में जाएंगे। हम न किसी को हराने के लिए लड़ रहे हैं और न जिताने के लिए। जदयू एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। 7 और 8 जुलाई को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है, बाकी मुद्दे उसमें तय किए जाएंगे।
केसी त्यागी के बयान पर भाकपा नेता अतुल अंजान ने तंज कसा और कहा, सबमें शामिल रह कर सबसे जुदा होने की कोशिश न करें नीतीश। वह भाजपा के ‘टाइम टेस्टेड फ्रेंड’ हैं। उन्हें पहले जवाब देना होगा कि उन्होंने बिहार में महागठबंधन क्यों तोड़ा।