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Bihar Politics: गिरिराज सिंह बोले- मस्जिदें निजी और मंदिरों का सरकारीकरण...यह तुष्टीकरण बंद करें नीतीश कुमार

Sun, 09 Apr 2023 02:46 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि रामनवमी हिंसा पर मुख्यमंत्री इतने कमजोर हैं कि वोट के लिए बिहार के दंगाइयों को छोड़ रहे हैं और हिंदुओं को फंसा रहे हैं। यह बहुत दिन तक चलने वाला नहीं है। इस पर उनसे आग्रह करूंगा कि दंगाइयों को फंसाएं और हिंदुओं पर झूठा मुकदमा वापस लें।
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बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। सरकार अपराधियों से घिरी हुई है। उसी का परिणाम है कि बेगूसराय के व्यवसायियों ने अपनी चाबी डीएम को सौंप दी। बिहार में स्थिति ऐसी आ गई है। उन्होंने कहा कि बिहार में जब गृह राज्यमंत्री पर कोई हंगामा होता है, हमला होता है तो यह बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि यह तुष्टीकरण की पराकाष्ठा है। बिहार में मंदिरों का सरकारीकरण कर दिया गया है तो मुसलमान की मस्जिदों और अन्य दूसरे का क्यों नहीं। अब तो मैं यह मांग करता हूं कि बिहार में मंदिरों को स्वतंत्र कर उनको अधिकार दिया जाए।

वहीं, नाम बदले जाने के मामले में सांसद ने कहा कि आजादी से पहले मुगलों का राज था। मुगलों के द्वारा धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया। नालंदा जैसे ज्ञान विज्ञान के केंद्र को तोड़ा गया। खिलजी ने यह सब किया। आज बख्तियारपुर हो बेगूसराय हो या दूसरा जिला, कोई भी जिले को आजादी के बाद इन गुलामी के नामों को हटा देने की जरूरत है। अगर मेरी सरकार बनेगी तो गुलामी के सारे चिन्हों को हटा दिया जाएगा। यह कोई तुष्टीकरण की राजनीति नहीं है, क्योंकि भारत के बाकी मुसलमान भी मुगल के वंशज नहीं हैं, हमारे ही वंशज हैं।
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रामनवमी पर हुए दंगे को लेकर उन्होंने कहा कि रामनवमी हिंसा पर मुख्यमंत्री इतने कमजोर हैं कि वोट के लिए बिहार के दंगाइयों को छोड़ रहे हैं और हिंदुओं को फंसा रहे हैं। यह बहुत दिन तक चलने वाला नहीं है। इस पर उनसे आग्रह करूंगा कि दंगाइयों को फंसाएं और हिंदुओं पर झूठा मुकदमा वापस लें।

वहीं, नीतीश कुमार के पीएम बनने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने पर कौन मना करेगा। सपना तो कोई भी देख सकता है। इसके लिए किसी को मना नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता और देश की जनता ने अपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुन लिया है। इसलिए प्रधानमंत्री का पद खाली ही नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

नीतीश कुमार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि रोम जल रहा था, वहीं नीरो बंसुरी बजा रहे थे। ठीक उसी तरह नालंदा जल रहा था, सासाराम जल रहा था और मुख्यमंत्री नीतीश प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने में लगे हुए थे। उन्हें लगता है कि टोपी पहने बिना वह प्रधानमंत्री बन ही नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें देखना है तो बगल के राज्य उत्तर प्रदेश में देख लें, जहां मंदिरों से ही नहीं मस्जिदों से भी लाउड स्पीकर हटा दिया गया है। मजाल नहीं कि कोई वहां पर दंगा कर दे। नीतीश कुमार को लगता है कि उन्हें कोई कहने वाला नहीं तो बिहार में तो उनके ही संरक्षण में दंगा हो रहा है।

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