भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के बचाव में पार्टी के उतरने पर उसके वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने बुधवार को एक बार फिर भाजपा की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इतने सालों में जो नैतिक आधार खड़ा किया था वह अब खत्म होता सा दिख रहा है।
मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की तीखी आलोचना करने वाले पूर्व वित्त मंत्री ने जय शाह के व्यवसाय पर खबर लिखने वाले ऑनलाइन मीडिया समूह ‘द वायर’ के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि का मामला दर्ज कराने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह से मीडिया की आवाज को दबाने वाले प्रयास को टाला जा सकता था। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मैं निश्चित तौर पर यह कहना चाहता हूं कि जिस तरह से एक केंद्रीय मंत्री जय शाह को बचाने के लिए इस मामले में कूदे वह गैरजरूरी था। वह एक केंद्रीय मंत्री हैं ना कि जय शाह के चार्टर्ड अकाउंटेंट।
अमित शाह के बेटे जय शाह ने ‘द वायर’ के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मामला दर्ज कराया है। इसके लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल ने ‘बहुत ही विशेष परिस्थितियों में’ इस मामले को लड़ने के लिए सरकार से अनुमति ली है। सिन्हा ने इस पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतने सालों में हमने जो नैतिक आधार बनाया था शायद उसे खोते जा रहे हैं।
दरअसल, द वायर ने अपनी खबर में कहा है कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद जय शाह की कंपनी में भारी उछाल आया है। हालांकि सिन्हा ने जोर देकर कहा कि वह खबर की प्रमाणिकता पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। सिन्हा ने कहा कि यह जांच का विषय है जिसे कोई भी सरकारी एजेंसी कर सकती है। वहीं भाजपा ने सिन्हा पर पटलवार करते हुए कहा कि उनका संबंध विपक्षी कांग्रेस से है।