बिहार के मुंगेर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं पर लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ रविवार को कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया गया है। वायरल वीडियों में पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं को पीटते हुए दिखाया गया है।
मुंगेर के पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा, वीडियो में श्रद्धालुओं पर पर लाठी बरसाते दिख रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
क्या था मामला ?
बता दें कि 26 अक्तूबर की देर रात मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली चली थी, जिसमें अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी। वहीं कई अन्य लोग घायल हो गए थे। इसके बाद 29 अक्टूबर को इस घटना के विरोध में फिर बवाल हो गया। आक्रोशित लोगों ने एसपी-डीएम को हटाने की मांग को लेकर पूरब सराय थाने में आग लगा दी थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने मुंगेर के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने का आदेश दिया था।साथ ही चुनाव आयोग ने 29 अक्तूबर की घटना में जांच के आदेश दिए हैं। मगध डिवीजनल कमिश्नर असंगबा चुबा को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने के लिए कहा गया था।
कांग्रेस ने नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की
राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की तुलना पंजाब के जलियांवाला बाग की घटना के लिए जिम्मेदार जनरल डायर से की है। महागठबंधन ने इस घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदार आरोपियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। जबकि उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने 30 अक्तूबर को बिहार के राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात कर गोलीबारी के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।