महिलाओं को भीड़ से छुड़ाकर ले जाती पुलिस टीम।
- फोटो : अमर उजाला
दाता को दुआ देने वाली महिलाएं खूब घूमती हैं, लेकिन सामने वाला कुछ न दे तो बद्दुआ देने वाली अमूमन नहीं दिखती हैं। पांच महिलाओं की एक टोली दोनों काम कर रही थी। देने वालों को दुआ और नहीं देने वालों को बुदबुदाकर बद्दुआ। बद्दुआ पाने वाले खीझे हुए थे। इसी दरम्यान दुआ पाने वाली एक महिला को आशीर्वाद के रूप में महिलाओं ने कुछ हाथ में दिया। जिस महिला के हाथ में वह सामान पड़ा, वह झटके से बेहोश होकर गिर पड़ी। जादू-टोना का शक करते हुए खीझे लोगों ने पांचों महिलाओं को घेरकर अपनी भड़ास निकाल ली। जमकर पीटा। पुलिस को खबर मिली तो आकर उनकी जान बचाई। घटना कटिहार की है।
महिलाओं को भीड़ से छुड़ाना पुलिस के लिए आसान नहीं रहा।
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"तुम्हारे घर में कुछ अशुभ हो जाएगा"
सहायक थाना क्षेत्र के ललियाही मोहल्ले में यह पांचों महिलाएं घर-घर जाकर लोगों से पैसा मांग कर उन्हें दुआ दे रही थी। कई जगह महिलाओं को पैसा नहीं मिलने पर बद्दुआ भी दी- "तुम्हारे घर में कुछ अशुभ हो जाएगा।" इसी दौरान पांचों महिलाएं शबाना खातून के घर पहुंची और उनसे भी पैसा मांगा। शबाना खातून ने उन्हें कुछ पैसे दिए तो महिलाओं ने कहा कि इतना कम से नहीं होगा, और पैसे दीजिए। उनकी बात को सुनकर शबाना घर से 20 रुपए निकाल कर उन्हें देने आई। पैसे लेकर उन महिलाओं ने दुआ के रूप में हाथ में कुछ दिया। इसके बाद जैसे ही महिलाएं वहां से जाने लगी, शबाना सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और शबाना को उठाकर उनके घर ले गए।
पुलिस ने पहुंचकर चंगुल से छुड़ाया
इधर, बद्दुआओं से भड़के लोगों ने उन पांचों महिलाओं को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट करने लगे। इसकी सूचना सहायक थाना पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने पहुंचकर सभी महिलाओं को लोगों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस के अनुसार किसी गलतफहमी या शक के कारण शबाना बेहोश हुई होगी। अंधविश्वास के कारण यह संभव है, क्योंकि पांचों महिलाओं के पास ऐसा कोई सामान नहीं था।