भीषण गर्मी में लू से मौतों के बाद अब बारिश के साथ ही ठनका गिरने से मौतें लगातार सामने आ रही हैं। रविवार सुबह भी मुख्यमंत्री ने तीन और लोगों की वज्रपात से मौत पर शोक जताया। यह खतरा अभी बना रहेगा। अगले 24 घंटों के दरम्यान 19 जिलों में वज्रपात की आशंका रहेगी। मौसम पूर्वानुमान में 48 घंटों के दौरान 11 जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
किन जिलों में कैसा मौसम रहेगा, यहां जानें
मौसम सेवा केंद्र बिहार की ओर से भारी वर्षा की चेतावनी राज्य के 11 जिलों- सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया कटिहार, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय और सारण के लिए दी गई है। इसके साथ ही पूर्वानुमान में बताया गया है कि राज्य के अधिकतर स्थानों पर अगले 24 घंटे में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होगी। लगभग आधा बिहार भारी वर्षा झेलेगा। पूर्वानुमान के अनुसार पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, गया, भागलपुर और बांका जिलों के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका है।
सीवान और मधुबनी में रिकॉर्ड बारिश
पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, सीवान जिले के दरौली प्रखंड में 172.5 मिलीमीटर की सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। दूसरे नंबर पर मधुबनी का झंझारपुर रहा, जबकि तीसरा नंबर भी मधुबनी के ही लखनौर का रहा। भोजपुर के शाहपुर, सहरसा के सत्तरकटैया, सारण के छपरा, गोपालगंज के सिधवलिया, कटिहार के अमदाबा, सीवान के दरौंदा और वैशाली के पातेपुर में ज्यादा बारिश हुई, हालांकि इन जगहों पर 100 मिमी से कम ही बारिश दर्ज हुई।
इस मौसम में जरा बचकर
पेड़ों के नीचे मेघगर्जन के दौरान नहीं खड़े हों।
खराब मौसम के दौरान बाहर कम ही निकलें।
जलभराव वाले इलाकों में खुले नालों से बचें।
बिजली के पोल को छूने पर करंट का खतरा हो सकता है इसलिए उससे दूर रहें।
मेघगर्जन के दौरान टिन शेड के नीचे न रहें।