राजधानी पटना के कई हिस्सों में गुरुवार दोपहर कुछ देर के लिए बारिश हुई।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
उमस भरी गर्मी के बीच राहत की खबर है। पटना में शनिवार शाम कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। पटना के अलावा अररिया, किशनगंज, सुपौल, कटिहार, समस्तीपुर में बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। सहरसा, जहानाबाद और चंपारण में मौसम सुहाना है। मौसम विभाग ने पटना, कैमूर, रोहतास, समस्तीपुर, दरभंगा, वैशाली, लखीसराय, जमुई, बांका, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, सारण, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीवान, गोपालगंज, भागलपुर और कटिहार जिले में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने कहा कि इन जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी रहने के आसार हैं। वहीं अगले तीन घंटे तक मेघ गर्जन, वज्रपात और हवा के साथ वर्षा होने की प्रबल संभावना है। बेतिया में आंधी-बारिश की चपेट में आने इसकी चपेट में आने से एक शख्स की मौत हो गई। मौसम विभाग ने 13 से 15 जून को पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते मानसून आने की संभावना जताई है।
नेपाल में बारिश से किशनगंज में परेशानी
इधर, नेपाल में हुई भारी बारिश से किशनगंज जिले में कनकई, बूढ़ी कनकई और मेची
नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ गई है। कनकई नदी पर बने कई चर्चरी पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है और कई गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। दिघलबैंक, टेढ़ागाछ और तेलीभीट्टा इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां के किसानों की लाखों की मक्का और सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। बाढ़ के कारण कई खेत जलमग्न हो गए हैं। टेढ़ागाछ प्रखंड के सुहिया, कोठि टोला देवरी, पुराना टेढ़ागाछ समेत कई जगहों पर नदी का कटाव जारी है।