बिहार के टॉपर घोटाले में अभी तक फरार चल रहे प्रमुख आरोपी और बोर्ड के सचिव रहे हरिहर नाथ झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि वारदात में हरिहरनाथ झा के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। बता दें कि इससे पहले बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह को घोटाले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
हरिहरनाथ झा को एसआईटी ने सोमवार सुबह गिरफ्तार किया। इसके बाद उनसे लंबी पूछताछ की गई। इसके बाद मंगलवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। बोर्ड के सचिव के तौर पर घोटाले में लालकेश्वर की तरह ही हरिहरनाथ झा की भी प्रमुख भूमिका मानी जा रही है।
इससे पहले लालकेश्वर सिंह भी दावा कर चुके थे कि उनके पास आने वाली सारी फाइलें हरिहरनाथ झा के पास से ही गुजर कर आती थी। वह जिन कागजातों पर हस्ताक्षर करते थे उन्हीं को लालकेश्वर अपनी सहमति देते थे। इसके अलावा मार्कशीट और टॉपर लिस्ट पर भी सचिव होने के नाते हरिहरनाथ के ही हस्ताक्षर होते थे। स्कूल कालेजों को मान्यता देने में भी बोर्ड के पूर्व सचिव की अहम भूमिका थी।
पुलिस का भी मानना है कि बोर्ड के सचिव होने के नाते हर छोटे बड़े मामले की जानकारी हरिहरनाथ झा को रहती थी। इसलिए सभी घोटालों की जानकारी भी उन्हें रही होगी।