बाढ़ की आहट के साथ ही बिहार का स्वास्थ्य महकमा ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने इस बार बाढ़ग्रस्त इलाकों के मरीजों के लिए खासतौर पर प्रसूता के लिए नौका एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। यह नौका एंबुलेंस आम सड़क या एयर एंबुलेंस की तरह नहीं होगा, बल्कि यह एक छोटा सा तैरता हुआ उपचार केंद्र की तरह भी होगा।
बाढ़ के दौरान राज्य के एक बड़े हिस्से में न तो सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है और न ही वहां वायुमार्ग से पहुंचना ही संभव हो पाता है। बिहार सरकार ने इसी बात के मद्देनजर बाढ़ पूर्व ऐसे इलाकों में इस नौका एंबुलेंस से चिकित्सक और दवाइयां पहुंचाने की योजना शुरू करने जा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी और सिविल सर्जनों को नौका अस्पताल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के कई जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस क्रम में लाखों लोग उपचार के बिना बे-मौत मारे जाते हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इन क्षेत्रों की महिलाएं होती हैं। इस नई व्यवस्था से डॉक्टर और दवाई दोनों उपलब्ध हो पाएंगे। जरूरत पड़ने पर उसी नौका एंबुलेंस से बड़े अस्पतालों में मरीजों को लाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो इस नौका एंबुलेंस के लिए चिकित्सकों के कई दल तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही एएनएम और पैरा मेडिकल कर्मी भी तैनात होंगे। इस पर जीवन रक्षक दवाइयों के साथ साथ कुछ जांच मशीन भी उपलब्ध होगी।
दवा एवं सामग्री की कमी होने पर एक दिन पहले आवश्यक चीजों का स्टॉक नजदीक के अस्पताल से हासिल करेगी। पहले इसे प्राथमिकता के आधार पर बाढ़ग्रस्त इलाकों में तैनात किया जायेगा। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इसके माध्यम से जिला अस्पताल लाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त को नौका अस्पताल बहाल करने की दिशा में निर्देश दिया गया है।
Published By Rahul Sankrityayan