बिहार में हुए करोड़ों के शौचालय घोटाले में एक बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक शिव कुमार झा को बक्सर से गिरफ्तार किया गया। पटना पुलिस की स्पेशल टीम मामले की जांच में जुटी है। शिव कुमार झा पर आरोप है कि इस मामले में दो कथित मास्टरमाइंड पीएचईडी विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा और कैशियर बिटेस्वर से मिलकर बिना हस्ताक्षर के एक दर्जन से अधिक चेक पास कर एनजीओ के खाते में डाल दिए। मामले में अन्य दो आरोपी सिन्हा और बिटेस्वर फरार हैं।
राजधानी पटना में हुए इस घोटाले में शौचालय बनाने का पैसा सीधे लभार्थियों को ना देकर कुछ एनजीओ को दिया गया। सरकारी नियमों के मुताबिक ऐसा नहीं किया जा सकता है। यह एनजीओ पटना और नजदीक के इलाको में पंजीकृत है।
घोटाले के सामने आने के बाद इस एनजीओ से जुड़े ज्यादातर लोग फरार हैं। मामले में सरकारी विभाग के कई कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि कई कर्मचारियों के खाते में इन एनजीओ द्वारा घूस का पैसा वापस जमा किया गया है।
सोशल मीडिया पर छाया रहा मुद्दा
फाइल फोटो
इस घोटाले के उजागर होने के बाद राजद और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर आलोचना की थी। राजद का आरोप है कि शौचालय निर्माण में भी गबन किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी घोटाले की खबर छाई रही है। लालू यादव ने तो ट्वीट कर नीतीश कुमार पर निशाना साधा।
फ़िल्म=“टॉयलेट-एक घोटाला कथा”
स्टोरी, पटकथा= नीतीश कुमार
शूटिंग, संपादन= नीतीश कुमार
निर्देशन,वितरण= नीतीश कुमार#ToiletChorNitish
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 5, 2017
लालू यादव ने इससे पहले एक ट्वीट किया जिसकी सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा चर्चा रही।
तथाकथित चारा घोटाले में ई लोग बोलते थे, लालू चारा खा गए। अब शौचालय घोटाले में वो क्या बोलेंगे, नीतीश क्या खा गए? #ToiletScam
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 4, 2017
नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा था कि घोटाले के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।