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बिहार टेंडर घोटाला: ईडी ने किस IAS अधिकारी से क्या-क्या जवाब मांगा? विदेश घूमने में लाखों खर्च करना पड़ा भारी

Thu, 05 Nov 2026 11:59 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

चर्चित टेंडर घोटाले को लेकर ईडी की जांच जारी है। एक बड़े IAS अधिकारी से ईडी की पूछताछ काफी सुर्खियों में है। यह अधिकारी विदेशी यात्रा के खर्च और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर सवालों के घेरे में हैं। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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ईडी एक्शन - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुडको के पूर्व प्रबंध निदेशक और आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर से लंबी पूछताछ की। बुधवार को वह करीब 10 घंटे तक ईडी के सवालों का सामना करते रहे। सुबह 11:30 बजे जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे योगेश रात 9:30 बजे बाहर निकले। इस दौरान उनकी विदेश यात्रा, निजी ठेकेदारों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और बुडको की परियोजनाओं में टेंडर आवंटन को लेकर पूछताछ हुई। जांच का एक अहम पहलू जून 2024 में परिवार के साथ ऑस्ट्रिया की यात्रा पर हुआ खर्च है। ईडी के मुताबिक, इस यात्रा पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च किए गए थे। एजेंसी को इस रकम के एक बड़े हिस्से के भुगतान में निजी ठेकेदार से जुड़े लोगों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। इसके अलावा ठेकेदार ऋषु श्री के करीबी रामवीर सिंह के बैंक खाते में हुए लेनदेन को लेकर भी योगेश से सवाल किए गए।

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पत्नी और बच्चों के साथ विदेश यात्रा पर खर्च हुए थे 21.92 लाख रुपये
ईडी के हलफनामे और डिजिटल फॉरेंसिक रिकॉर्ड के मुताबिक, योगेश कुमार सागर 22 से 30 जून 2024 के बीच पत्नी और दो बच्चों के साथ ऑस्ट्रिया गए थे। इस दौरान परिवार ने वियना, साल्जबर्ग और सेंट वोल्फगैंग के महंगे होटलों में ठहराव किया था। हवाई टिकट, होटल बुकिंग और विदेशी मुद्रा समेत पूरी यात्रा पर 21.92 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी जांच एजेंसी को मिली है। ईडी का कहना है कि इस रकम में से 4.27 लाख रुपये का भुगतान योगेश की पत्नी अवलोकिता अशोक के बैंक खाते से हुआ। बाकी 17.65 लाख रुपये सूरत की ट्रैवल एजेंसी लंबोदर टूर को नकद दिए गए। एजेंसी के अनुसार, यह भुगतान ठेकेदार ऋषु श्री के सहयोगी साहिल सिन्हा और गुजरात की कंपनी जेनम इंजिकॉन की ओर से किया गया था।

पूछताछ में ईडी ने योगेश के सामने डिजिटल साक्ष्य रखकर जानना चाहा कि एक निजी ठेकेदार के कर्मचारी उनके परिवार की विदेश यात्रा का खर्च क्यों उठा रहे थे। एजेंसी ने भुगतान नकद में किए जाने और विदेशी मुद्रा की व्यवस्था से जुड़े सवाल भी पूछे। साथ ही यह जानने की कोशिश की गई कि इस पूरी व्यवस्था के लिए किसकी ओर से निर्देश दिए गए थे।
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5,268 करोड़ की 17 परियोजनाएं भी जांच के घेरे में
ईडी की जांच केवल विदेश यात्रा के खर्च तक सीमित नहीं है। बुडको की 5,268 करोड़ रुपये की लागत वाली 17 बड़ी परियोजनाओं में टेंडर प्रक्रिया और भुगतान की व्यवस्था भी जांच के दायरे में है। इन परियोजनाओं के तहत 2,861 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ टेंडरों की तकनीकी शर्तें इस तरह निर्धारित की गई थीं, जिससे तोशिबा और वीर टेक वर्ल्ड जैसी चुनिंदा कंपनियों को ही काम हासिल करने में आसानी हो। इसके बाद इन कंपनियों से दो से चार प्रतिशत का मार्जिन रखकर परियोजनाओं का काम बैक-टू-बैक सब-कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से ऋषु श्री की कंपनियों मातृश्या और रिलायबल को सौंपे जाने का आरोप है।

ठेकेदार के मोबाइल में मिलीं गोपनीय फाइलों की तस्वीरें
ईडी ने पूछताछ के दौरान बुडको कार्यालय से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के निजी ठेकेदार तक पहुंचने का मामला भी उठाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, ऋषु श्री के मोबाइल फोन से बुडको की गोपनीय डीपीआर और विभागीय फाइलों की तस्वीरें मिली थीं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये दस्तावेज ठेकेदार तक कैसे पहुंचे और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही। योगेश कुमार सागर से पूछताछ के साथ ही वह इस मामले में जांच एजेंसी के सामने पेश होने वाले पांचवें आईएएस अधिकारी बन गए हैं। इससे पहले संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार यादव और अभिलाषा कुमारी शर्मा से पूछताछ की जा चुकी है।

आनंद किशोर से भी होनी है पूछताछ
इस मामले में आईएएस अधिकारी आनंद किशोर से भी ईडी को पूछताछ करनी है। उन्हें 30 अक्टूबर को पेश होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी से एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। अब उनकी पेशी को लेकर आगे की कार्रवाई होनी है।
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27 नवंबर को हाईकोर्ट में रिपोर्ट देगी ईडी
टेंडर घोटाले की जांच पर पटना हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 27 नवंबर को दोपहर तीन बजे होगी। अदालत ने ईडी से पूछा है कि मामले में बड़े अधिकारियों के खिलाफ अब तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई है। जांच एजेंसी को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी है। ईडी अब तक हुई पूछताछ, डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर अपनी स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसे 27 नवंबर को सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

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