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बिहार: सम्राट सरकार का ग्रामीण विकास पर फोकस, 22 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं मिशन में होंगी शामिल

Thu, 05 Nov 2026 03:38 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पटना

सार

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीबी-जी रामजी मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने और 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में हुई बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों में आधारभूत संरचनाओं के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है। वीबी-जी रामजी मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण की व्यवस्था होगी। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा यानी 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के समग्र विकास और ग्रामीण रोजगार के लिए 22 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को मिशन में शामिल किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दो लाख रुपये आंगनबाड़ी केंद्रों की साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री और फर्नीचर आदि पर खर्च होंगे।

उन्होंने बताया कि वीबी-जी रामजी मिशन के तहत अब तक 1.5 लाख योजनाएं ली गई हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर तीन लाख करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी गांवों में मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

चार प्रमुख श्रेणियों में होंगे विकास कार्य

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के तहत ग्राम पंचायतों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। इसके अंतर्गत जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से संबंधित चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने योजनाओं के चरणबद्ध क्रियान्वयन के साथ निगरानी में तकनीक के अधिकाधिक इस्तेमाल और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सामाजिक अंकेक्षण की प्रभावी व्यवस्था और जनशिकायतों के त्वरित निष्पादन पर भी जोर दिया।

आंगनबाड़ी, स्कूल और ग्रामीण हाट को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी संरचनाओं के निर्माण और विकास को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिन विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाओं की जरूरत है, वहां अतिरिक्त क्लासरूम के निर्माण का लक्ष्य पूरा किया जाए। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण हाट के निर्माण का लक्ष्य भी निर्धारित किया जाए।

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल, हेल्थ केयर सेंटर, विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास पर तेजी से काम करने को कहा।

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जल संरक्षण और पौधरोपण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार जरूरी है। इनकी मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिलाधिकारियों को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सके।

उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को जल संरक्षण और वनीकरण के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने को कहा। भूजल स्तर बनाए रखने और भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के साथ पौधरोपण और जल संचयन को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वीबी-जी रामजी मिशन के सभी प्रावधानों और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और आधारभूत संरचनाओं के विकास के कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो और विकसित बिहार के संकल्प को मजबूती मिले।

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