पर्यावरण प्रेमी संजय कुमार।
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पर्यावरण प्रेमी संजय कुमार बोले- जल्द गिरफ्तारी हो
"ओ री गौरैया" किताब लिखने वाले और पर्यावरण प्रेमी संजय कुमार ने अमर उजाला से बातचीत करने हुए बताया कि यह दर्दनाक तस्वीर बगहा के आदित्य पांडेय महाबाहुबली ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है। यह शर्मनाक कांड, 1958 में चीन में चुन-चुन कर मारी गई गौरैया की याद दिलाती है। इसके बाद से चीन से गौरैया विलुप्त हो गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य पांडे की हरकत गौरैया को विलुप्ति की ओर धकेल रहा है। साथ ही गौरैया संरक्षण के प्रति सक्रिय लोगों के अभियान को कमजोर बनाती है। आदित्य पांडेय ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की बात स्वीकार की है। ऐसे में वन एवं पर्यावरण विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेनी चाहिए। साथ ही भारतीय वन अधिनियम, 1972 के तहत उसे गिरफ्तार करे और सजा दिलाये ताकि घटना का दोहराव नहीं हो।
गौरैया की संख्या में 60-80 प्रतिशत की कमी
पर्यावरण प्रेमी के अनुसार, गौरैया को बचाने के लिए भारत सरकार ने इनके रहने के लिए 'इको-फ्रेंडली बर्ड होम' नाम के घोंसले बनाए हैं। इतना ही नहीं 2012 में गौरैया पक्षी को दिल्ली सरकार द्वारा राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2013 में बिहार सरकार ने भी गौरैया पक्षी को राजकीय पक्षी का दर्जा दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, गौरैया की संख्या में 60-80 प्रतिशत की कमी आई है। इस पक्षी के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर "विश्व गौरैया दिवस " मनाया जाता है।