लोग जाने अनजाने में कई ऐसे कारनामे कर जाते हैं, जिसकी भनक तक नहीं होती। जब उन्हें पता चलता है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। ऐसी ही एक घटना बिहार के सारण के अमनौर में हुई। धर्मपुरजाफर पंचायत स्थित सर्वोदय मेला गांव निवासी कृष्ण कुमार राउत ने रसेल वाइपर को अजगर समझकर पकड़ लिया। इतना ही नहीं उसे तोते के पिंजरे बंद कर दिया। कृष्ण कुमार ने भारत के सबसे जहरीले सांपों में एक रसेल वाइपर तीन तक दूध पिलाता रहा। साथ ही चूहा भी मारकर खिलाता रहा।
सांप को देखकर वन विभाग के कर्मी दंग रह गए
इसी बीच पड़ोसियों ने वन विभाग की टीम पहुंची। टीम ने पहले पिंजरे में मौजूद सांप की जांच की। सांप को देखकर वन विभाग के कर्मी दंग रह गए। इसके बाद किसी तरह से रसेल वाइपर का रेस्क्यू किया। उसे वन विभाग लेकर चले गए। टीम में उप परिसर पदाधिकारी राकेश कुमार, लक्ष्मण मांझी, गार्ड जगलाल राम शामिल थे। वन विभाग की टीम ने कृष्ण कुमार को इस सांप के बारे में बताया तो उसके होश उड़ गए। उसने कहा कि भगवान के कारण ही मेरी जान बच गई। मैं जिसे अजगर समझ रहा था, वह इतना जहरीला सांप निकलेगा मैंने सपने में नहीं सोचा था।
इस सांप में होमोटॉक्सिन नामक जहर पाया जाता है
वहीं वन विभाग की मानें तो रसेलवाइपर भारत का सबसे जहरीला सर्प माना जाता है। इसमें होमोटॉक्सिन नामक जहर पाया जाता है जो शरीर में प्रवेश होते ही खून को थक्का बना देता है। इसके साथ शरीर के अंदर ब्लीडिंग होने लगती है। पूरे शरीर में तेज दर्द होने ब्रेन हेमरेज का खतरा रहता है। आदमी पल भर में दम तोड़ देता है। यह सर्प दक्षिण एशिया में ज्यादा पाया जाता है। ससमय समुचित इलाज की व्यवस्था हो तो भी जान बचने की संभावना काफी कम रहती है। यह सांप आसानी से पहचान में नहीं आता है। आमतौर पर यह अजगर का बच्चा लगता है। इसकी लंबाई तीन से चार फीट तक होती है। खतरा महसूस होने पर यह प्रेशर कूकर की सिटी की तरह आवाज निकालता है।