गया पूर्व सांसद के घर छापेमारी
- फोटो : Amar Ujala
गया शहर के पिपरपांती मोहल्ले में सोमवार को ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। कांग्रेस के पूर्व सांसद स्व. रंजीत सिंह उर्फ रंग सिंह के मकान में हुई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। पुलिस ने मौके से विकास कुमार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विकास कुमार ने करीब एक वर्ष पहले पूर्व सांसद के मकान को किराए पर लिया था। इसके बाद से ही वहां अवैध रूप से नकली और नशीली दवाओं का कारोबार संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और संदिग्ध दवाएं मिलीं। कई दवाओं के पैकेट, रैपर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। जानकारी के अनुसार, जिस मकान में कार्रवाई की गई, वहां किराए पर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का कार्यालय भी संचालित होता है।
घंटों चली छापेमारी, इलाके में मचा हड़कंप
कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू एरिया पिपरपांती स्थित मकान में सोमवार दोपहर अचानक ड्रग विभाग और जिला पुलिस की टीम पहुंची। देखते ही देखते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान घर के अंदर घंटों तक तलाशी अभियान चलता रहा। अचानक हुई इस छापेमारी से मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग घर के बाहर जुट गए।
प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद
जांच टीम ने मकान से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं। अधिकारियों के मुताबिक बरामद दवाओं में लिंग संबंधी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली मेडिसिन और प्रतिबंधित कफ सिरप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन दवाओं की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। मौके से विकास कुमार और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
लंबे समय से मिल रही थी शिकायत
सूत्रों के अनुसार ड्रग विभाग को काफी समय से इस इलाके में अवैध दवा कारोबार की सूचना मिल रही थी। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई जिले के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी की जाती थी। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलती हैं ये दवाएं
गया के ड्रग इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि बरामद दवाएं सामान्य मेडिकल दुकानों पर डॉक्टर की पर्ची के बाद ही दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि छापेमारी में लाखों रुपये की दवाएं मिली हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि इनकी सप्लाई कहां-कहां होती थी। मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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जब्त दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे
ड्रग विभाग अब यह जांच कर रहा है कि दवाएं कहां से लाई जाती थीं और किन इलाकों में सप्लाई की जाती थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक मकान में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। इलाके में देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता था। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि यहां नकली और नशीली दवाओं का इतना बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जब्त दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। वहीं गिरफ्तार दंपति को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। पुलिस और ड्रग विभाग की टीम अब इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों की तलाश में जुट गई है।