बिहार में इंजीनियरिंग एजुकेशन के क्षेत्र में अगर किसी का नाम लिया जाए तो सबसे पहले सुपर-30 के संचालक आनंद कुमार का जिक्र आता है जिन्होंने अपनी लगन के बूते सैकडों बच्चों को मुफ्त शिक्षा देकर आईआईटी की दहलीज तक पहुंचा दिया।
आनंद कुमार जैसा ही बेहतरीन काम कर रही है मुंगेर की रहमानी फाउंडेशन जिसने मुस्लिम समाज के हजारों वंचित बच्चों को तालीम देकर समाज की मुख्यधारा में ला खड़ा किया है। आनंद कुमार की सुपर-30 की तरह ही रहमानी सुपर-30 के छात्रों ने आईआईटी में भी झंडे गाड़ दिए।
खास बात ये है कि रहमानी सुपर-30 को साथ मिला है बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद का। आनंद की सुपर-30 की सफलता में भी अभयानंद का बड़ा योगदान रहा है। रहमानी सुपर-30 के 80 में से 46 छात्रों का चयन इस साल देश की विभिन्न आईआईटी के लिए हुआ है।
इनमें से अधिकतर छात्र मुस्लिम समाज के उस वंचित तबके से आते हैं जिनके घरवाले उनकी प्राथमिक शिक्षा तक की जिम्मेदारी भी वहन नहीं कर सकते। उन्हीं छात्रों को कोचिंग दिलाकर आईआईटी जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए तैयार करता है रहमानी फाउंडेशन।
इंजीनियरिंग में झंडे गाड़ रहा रहमानी फाउंडेशन
आइए अब आपको विस्तार से बताते हैं रहमानी फाउंडेशन के बारे में। मुंगेर के हजरत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने 1996 में रहमानी मिशन की स्थापना की थी। इसी रहमानी मिशन के तहत साल 2008 में बिहार के मुंगेर से मुस्लिम समाज के पिछड़े और आगे पढ़ने में असमर्थ बच्चों को आगे बढ़ाने के प्रयास शुरू हुए।
फाउंडेशन ने इसी साल बिहार की राजधानी पटना में 10वीं और 12वीं के छात्रों की इंजीनियरिंग कोचिंग के लिए रहमानी सुपर-30 नाम से कोचिंग संस्थान शुरू किया। अगले साल 2009 में चार्टेड अकाउंटेंट की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान शुरू हुआ।
संस्थान में मुस्लिम समाज के ज्यादातर उन्हीं बच्चों को प्रवेश दिया जाता था जो पढ़ने लिखने में तो होनहार थे लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाते थे। एंट्रेस टेस्ट के जरिए उन्हें कोचिंग के लिए चुना जाता था।
फाउंडेशन की ओर से उसका एंट्रेंस टेस्ट पास करने वाले छात्रों के खाने पीने से लेकर रहने तक की सारी व्यवस्था की जाती है। शुरूआती सालों में संस्थान के छात्रों का सफलता प्रतिशत इक्का दुक्का रहा लेकिन जल्द ही यह रफ्तार पकड़ने लगा।
मुस्लिम तबके के वंचित छात्रों को शिक्षा दे रहा फाउंडेशन
इसे बल मिला उस समय जब बिहार के पूर्व डीजीपी और आनंद के सुपर-30 में बच्चों को साइंस पढ़ाने वाले अभयानंद ने रहमानी फाउंडेशन से हाथ मिला लिया। इसके बाद तो जैसे संस्थान की सफलता को पंख लग गया।
मुंगेर के बाद मुंबई और हैदराबाद में भी रहमानी फाउंडेशन की शाखाएं खोली गई। जहां पढ़ने वाले 80 से ज्यादा छात्रों ने इस बार आईआईटी की मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया था इनमें से 46 छात्रों ने अंतिम बाधा पार कर जेईई की परीक्षा पास कर ली।
पिछले आठ सालों में रहमानी सुपर-30 के 182 से ज्यादा छात्रों का चयन आईआईटी और एनआईआईटी के लिए हो चुका है। अभयानंद खुद भी छात्रों को तैयारी करवाते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इंजीनियरिंग में सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अब रहमानी फाउंडेशन मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी छात्रों को तैयार कर रहा है। फाउंडेशन छात्रों के चयन के लिए अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित कराता है, यहां चयनित छात्रों को संपूर्ण सुविधाओं के साथ कोचिंग कराता है।
रहमानी फाउंडेशन की अधिक जानकारी के लिए यहां भी क्लिक कर सकते हैं
www.rahmani30.net /www.rahmanimission.info / www.twocircles.net/rahmani30
इसके अलावा इन नंबरों पर भी कॉल कर सकते हैंः 07488338261 / 07542926408 / 09097167979