जानकारी के मुताबिक, वैशाली पुलिस की स्पेशल टीम, डिस्ट्रिक्ट इंटेलीजेंस यूनिट और महनार पुलिस गांजा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस को सूचना मिली कि कोई बड़ा अपराधी भारी मात्रा में गांजा लेकर आने वाला है। छापेमारी की कार्रवाई में दो तस्करों को पकड़ा गया, जिनमें एक की पहचान अविनाश श्रीवास्तव के रूप में हुई। वह राजद के पूर्व एमएलसी ललन श्रीवास्तव का बेटा है। वहीं, दूसरे बदमाश का नाम फुलवारीशरीफ निवासी अल्तमस है। उनके कब्जे से 20 किलो गांजा बरामद किया गया।
बता दें कि अविनाश को पहचानने के बाद पुलिस टीम भी चौंक गई, क्योंकि वह अपराध जगत में साइको किलर और सीरियल किलर के नाम से कुख्यात है। अविनाश पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र स्थित एमआईजी कॉलोनी का रहने वाला है। वह बिहार में 20 से अधिक हत्याओं का आरोपी है। इससे पहले वह 26 सितंबर 2020 को रक्सौल में गिरफ्तार हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले जमानत पर छूटने के बाद अपराध करने लगा।
पुलिस के मुताबिक, अविनाश दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से एमसीए है। साल 2002 के दौरान हाजीपुर में उसके पिता और तत्कालीन एमएलएसी ललन श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस वक्त अविनाश इंफोसिस में 40 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी करता था। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसने हथियार उठा लिए। साल 2003 में उसने अपने पिता के हत्यारोपी मोइन खां उर्फ पप्पू खां को हाजीपुर में 32 गोलियां मारीं। इसके बाद वह बाकी हत्यारों को चुन-चुनकर मारता रहा।
पुलिस के मुताबिक, अविनाश ने पटना के डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप को एके-47 से भून दिया था। उस दौरान अविनाश ने कैप्टन सुनील के भाई, विजय गोप, अजय गोप, लालू गोप, अजीत गोप, मोइन उर्फ पप्पू, अधिवक्ता सरदार जी, इम्तियाज, चनारिक गोप, स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनार, राहुल यादव समेत 20 लोगों की हत्या की थी।
बता दें कि ताबड़तोड़ हत्या करने के बाद अविनाश की तलाश तेज हुई तो मां उसे लेकर सिलीगुड़ी चली गई। हालांकि, वह बीच-बीच में बिहार आकर हत्या, लूट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा। साल 2016 के दौरान उसे हाजीपुर के महुआ थाना क्षेत्र के हरपुर बेलवा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में चोरी करते पकड़ा गया। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कहा कि गूगल में साइको किलर अमित सर्च कीजिए। अविनाश की हकीकत जानकर पुलिस के होश उड़ गए, वह खुशी से नाचने लगा था। अविनाश का दावा है कि फिल्म 'गैंग ऑफ वासेपुर' में उसके ब्रस्ट फायर (दनादन गोली दागना) वाले क्लाइमेक्स को चोरी किया गया।