राजद ने पोस्टर के जरिए जदयू पर साधा निशाना
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बिहार में इस साल अक्तूबर में चुनाव होने है। जिसकी तैयारी ग्राउंड के साथ-साथ पोस्टर्स में भी नजर आ रही है। राज्य में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच पिछले साल से ही पोस्टर वॉर चल रही है। अब एक बार फिर जदयू ने राजद के खिलाफ राज्य में पोस्टर लगाकर उसपर निशाना साधते हुए उसे सामाजिक न्याय का ढोंगी बताया है।
राज्य की राजधानी पटना में जदयू ने पोस्टर पर लिखा है- 'सामाजिक न्याय के ढोंगी ने किया अति पिछड़ा के साथ आर्थिक जालसाजी।' पोस्टर में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव हाथ में लालटेन लिए बस के ऊपर खड़े दिख रहे हैं। पोस्टर में पार्टी पर अदृश्य अपराध के जरिए आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही पार्टी पर भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण, बेबसी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
वैसे यह पहली बार नहीं है कि पोस्टर के जरिए दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं। इससे पहले नए साल के मौके पर जदयू ने राजद पर निशाना साधते हुए उससे 15 साल का हिसाब मांगते हुए पोस्टर जारी किया था। जिसपर लिखा था- 'हिसाब दो, हिसाब लो।' जिसके जबाव में राजद ने उसे ‘झूठ की टोकरी, घोटालों का धंधा’ करार देने वाला पोस्टर लगाया था।
राजद के झूठ की टोकरी वाले पोस्टर के जवाब में जदयू ने एक नया पोस्टर जारी किया था। जिसमें राजद के पोस्टर में हिंदी की गलतियों का जिक्र करते हुए लिखा था- चरवाहा विद्यालय का आतंक, शाब्दिक ज्ञान नहीं राजनीतिक ज्ञान दे रहे। पोस्टर में लालू और नीतीश के समय के बिहार को भी दिखाया गया था।
राज्य के उप-मुख्यमंत्री और भाजपा नेता ने राजद पर निशाना साधते हुए लिखा था कि यदि 1990-2005 के बिहार का वास्तविक पोस्टर बनाया जाए, तो वह इतना भयावह होगा कि नई पीढ़ी कांप जाएगी। जो लोग सच देखने का साहस रखते हों, उन्हें बिहार के हालात पर बनी दो फिल्में 'गंगा जल' और 'अपहरण' यू-ट्यूब से डाउनलोड कर अवश्य देखनी चाहिए। ये दोनों फिल्में भाजपा ने नहीं बनाई थीं।