नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
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हिंदू पंचांग के तहत 15 दिसंबर से खरमास का महीना शुरू हो गया है, जो 14 जनवरी तक रहेगा। इस महीने में भले ही नए काम नहीं किए जाते हैं, लेकिन बिहार की राजनीति से लेकर केंद्र सरकार के अहम फैसले 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक ही लिए जाएंगे। इस दौरान राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। दरअसल, बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार होना है, जिसके लिए नए चेहरों का फैसला इसी माह होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार में भी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा जोरों पर है।
बिहार में होगा मंत्रिमंडल विस्तार
बता दें कि 17वीं विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिर्फ 15 विधायकों के साथ शपथ ग्रहण की थी। अभी उनकी कैबिनेट में 21 और मंत्रियों को एंट्री होनी है। ऐसे में नए चेहरों पर फैसला इसी महीने किया जा सकता है, जिससे बाकी मंत्रियों पर विभागों का बोझ कम किया जा सके।
राज्यपाल कोटे से एमएलसी मनोनयन
गौरतलब है कि राज्यपाल कोटे से विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन की बात भी अटकी हुई है, जिस पर फैसला इसी महीने में होना तय है। दरअसल, अशोक चौधरी और मुकेश सहनी बिना किसी सदन के सदस्य बने मंत्रिमंडल में शामिल हुए। ऐसे में नए एमएलसी के लिए चयन का काम भी इसी महीने होगा।
केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार
रामविलास पासवान के बाद खाली हुए मंत्रालय के लिए केंद्र सरकार को फैसला लेना बाकी है। हालांकि, यहां के लिए सबसे ज्यादा चर्चा सुशील मोदी के नाम की है। किसान आंदोलन का दंश झेल रही केंद्र सरकार भी मंत्रिमंडल का विस्तार करेगी। रामविलास पासवान के मंत्रालय के लिए सबसे ज्यादा चर्चा सुशील मोदी के नाम पर ही है। माना जा रहा है कि सुशील मोदी का भविष्य और कुछ मंत्रालयों के फेरबदल के फैसले इसी महीने ही लिए जाएंगे, लेकिन उन पर मुहर अगले महीने लगेगी।