Bihar News: बिहार के बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के 12 दिन बाद बिहार पुलिस की ओर से एक और कार्रवाई की गई है। हत्या के वक्त जिस थानेदार पर लापरवाही का आरोप लगा था, उसे निलंबित कर दिया गया है।
पटना के गांधी मैदान थाना के थानेदार राजेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा की अनुशंसा पर आईजी जितेंद्र राणा ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि एसएचओ राजेश कुमार इस मामले में लापरवाह पाए गए। इतना ही नहीं विधि व्यवस्था बनाए रखने में लगातार असफल पाए जाने का भी आरोप लगा। इन सब आरोपों की जांच के बाद एसएसपी ने आईजी को निलंबन की अनुशंसा की। इसके बाद पटना आईजी ने यह कार्रवाई की।
गोपाल खेमका के परिजनों ने लगाया था पुलिस पर यह आरोप
दरअसल, चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के बाद उनके छोटे भाई संतोष खेमका ने पुलिस पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के डेढ़ घंटे बाद गांधी मैदान थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर कई खोखे गिरे पड़े थे, जिस पर पुलिसकर्मियों द्वारा ईंट और बांस-बल्ले से घेराबंदी की गई। कहा कि बिहार पुलिस की कार्यशैली यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आज हम कितने सुरक्षित हैं। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद लगभग डेढ़ से दो घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। परिवार वालों ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है, अपराधियों का मनोबल अब इतना बढ़ गया है कि वे घर पर चढ़कर हत्याएं कर रहे हैं।
अशोक साव ने इस विवाद में करवाई थी हत्या
गोपाल खेमका की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि कारोबारी अशोक साव ने करवाई थी। इसके लिए उसने डेढ़ महीना पहले ही साजिश रची थी। पुलिसिया पूछताछ में उमेश यादव द्वारा बताया गया कि घटना करने के लिए चार लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। 50 हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए गए। शेष बची राशि घटना होने के अगले दिन गंगापथ पर अशोक साव द्वारा दिया गया था। पुलिस ने छापेमारी अशोक साव को गिरफ्तार कर लिया था। अशोक साव ने पूछताछ के दौरान बताया कि जमीन एवं बांकीपुर क्लब का विवाद होने के कारण गोपाल खेमका की हत्या करवाया गया।