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Bihar News : पटना की इस एक जगह पर राज्य सरकार के चार विभागों की लापरवाही दिखी; गाय ने बचाई लड़कों की जान

Fri, 20 Jun 2025 05:50 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Government : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुलिस विभाग, नितिन नवीन का पथ निर्माण मंत्री, विजेंद्र यादव का ऊर्जा विभाग, जिवेश कुमार का नगर विकास विभाग और रमेश सादा का मद्य निषेध विभाग... एक साथ कटघरे में एक जगह है। वह भी राजधानी पटना में। 
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बदहाल पटना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा से करीब 200 मीटर दूर गर्दनीबाग कभी व्यवस्थित सरकारी आवासों के बीच निजी रिहायश के लिए पहचान रखने वाला जगह था। शुक्रवार सुबह खबर आई कि यहां एक दुधारू गाय की करंट से मौत हो गई। बारिश में पटना शहर में ऐसे ही करंट ने कभी प्रसिद्ध कवि रामगोपाल शर्मा 'रूद्र' की जान ले ली थी। 'अमर उजाला' टीम शुक्रवार को करंट वाली जगह पहुंची तो नीतीश कुमार सरकार के पांच विभाग एक जगह पर कटघरे में नजर आए।

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बिजली कंपनी और पथ निर्माण विभाग का खेल
अमर उजाला टीम गर्दनीबाग के यारपुर रोड नंबर- 1 पहुंची तो पता चला कि पश्चिमी शिवाजी पथ में यह घटना हुई है। जिस जगह घटना हुई, वहां बिजली कंपनी का खेला नजर आया। अगर यह गाय सुबह अपनी जान नहीं गंवाती तो शाम में एक साथ कई लड़कों की जान चली जाती। बिजली चुराने पर रोक के दावों की पोल, बिजली के पोल पर खुल गई। इस पोल से बिजली चुराई जा रही थी, जिसके खुले तार के कारण लोहे के पोल में करंट आ गया। पता चला कि इस जगह पर तीसरी बार करंट की यह घटना कुछ महीनों के अंदर सामने आ चुकी है। सड़क बनाए जाते समय दूसरी जगह करंट आ रहा था तो काम रोक कर उसे ठीक कराया गया। 
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पथ निर्माण विभाग की लापरवाही का बेजोड़ नमूना
एक और जगह करंट की आशंका दिखी तो पथ निर्माण विभाग का ठेकेदार बिजली कंपनी से असहयोग की बात कहकर गायब हो गया। काम नहीं हुआ और करंट का खतरा कितना है, यह उस गड्ढे में जमा पानी से पता चल जाता है। बिहार विधानसभा से करीब 200 मीटर की दूरी पर करीब 100 मीटर की यह सड़क करीब दो साल से बन ही रही है। यह पथ निर्माण विभाग की लापरवाही का बेजोड़ नमूना है। बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष खत्म होता देख मार्च में ठेकेदार को काम का भुगतान हो गया, इसलिए उसने पूरी सड़क बनाने की जरूरत नहीं समझी, बनाए हिस्से पर अलकतरे की दूसरी लेयर नहीं चढ़ाई और निर्माण के दौरान जिन निजी रास्तों को तोड़ा था- उसे भी नहीं बनाया। 
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नगर विकास विभाग ऐसे लेगा स्वच्छता रैंकिंग?
'अमर उजाला' टीम ने आम लोगों से बातचीत शुरू की तो सबसे ज्यादा पटना नगर निगम और पुलिस विभाग को लेकर गुस्सा नजर आया। इस संबंध में स्थानीय निवासी रन विजय पाण्डेय ने कहा कि 'स्वच्छ यारपुर, निर्मल यारपुर' के नारे के साथ गर्दनीबाग के टूटे सरकारी क्वार्टर की दीवार को रंगा गया था, लेकिन यहां कूड़ा ही जमा रहता है। बीच शहर में इस सड़क पर लोग मलत्याग के लिए बैठे नजर आते हैं। नगर निगम का सफाई वाहन कचरा जब घर-घर से ले जाता है तो यहां कैसे जमा हो रहा है, यह बड़ा सवाल है। शुक्रवार सुबह ऐसा ही कुछ कचरा उस पोल के पास था, जिसे खाते समय गाय की करंट लगकर मौत हो गई। यहां पर हर तरफ कचरा फैला हुआ भी नजर आया। लोगों ने एक तरफ संतोष जताया कि गाय की जान नहीं जाती तो कई लड़कों की मौत आ जाती, क्योंकि आधी-अधूरी सड़क पर रोज 30 से ज्यादा लड़के रास्ता घेरकर क्रिकेट खेलते हैं और उनका विकेट इसी पोल के पास रहता है। 

मद्य निषेध और पुलिस विभाग को नहीं दिखता सच?
लोगों का गुस्सा इस बात पर भी था कि आधी-अधूरी सड़क पर इस तरह रोज 30-40 लड़कों के खेलने के कारण कई बार गाड़ियां टकरा चुकी हैं। लड़कियों-महिलाओं को आने-जाने में फब्तियां कसे जाने का डर रहता है। इस संबंध में स्थानीय निवासी राजो सिंह ने कहा कि सड़क से अक्सर गर्दनीबाग पुलिस की गाड़ी आती-जाती है, लेकिन कोई इन हादसों के बावजूद लड़कों को सड़क पर खेलने से नहीं रोकता है। पूर्वी शिवाजी पथ से भिखारी ठाकुर पुल के नीचे जाने वाला रास्ता इसी तरह अतिक्रमण का शिकार है, जहां कुछ साल पहले सड़क पर धूप सेंकने के लिए नवजात को कपड़े में लपेटकर रखा गया था। सड़क पर नहीं दिखने के कारण गाड़ी से कुचल कर उसकी मौत हो जाने पर भारी तोड़फोड़ हुई थी। वहीं पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मुकुल कुमार वर्मा का कहना है कि पुलिस कभी गर्दनीबाग के इन सरकारी क्वार्टरों के अंदर झांकने नहीं जा रही। यहां स्मैक और शराब का धंधा चलता है। 10-12 साल के लड़के अचानक इस तरह के इंतजाम का ऑफर करते हैं और आश्चर्य है कि पुलिस को कुछ नहीं पता है। डॉ पियूष कुमार सिन्हा ने बताया कि मद्य निषेध विभाग एक बार भी बगैर बताए छापेमारी कर दे तो हर तरह के नशे की सामग्री का जखीरा मिल सकता है।

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