बिहार पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार अचानक लंबी छुटी पर चले गए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विनय कुमार को 15 सितंबर से पांच अक्टूबर तक छुट्टी की मंजूरी दी गई है। यह अवकाश अखिल भारतीय सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 में निहित प्रावधानों के तहत मंजूर किया गया है।
छुट्टी के दौरान प्रभार किसके पास रहेगा?
विनय कुमार के अवकाश की अवधि में होमगार्ड व फायर सर्विसेज की डीजी और 1991 बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी प्रीता वर्मा को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। गृह विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। प्रीता वर्मा बिहार में कार्यवाहक डीजीपी की कमान संभालने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गई हैं। वह विनय कुमार के बाद बिहार की सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं। इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार का डीजीपी पद का कार्यकाल इसी साल 12 दिसंबर को पूरा हो रहा है। चर्चा यह भी है कि प्रीता वर्मा को मार्च तक डीजीपी का प्रभार दिया जाएगा। इसके बाद मार्च में बिहार को स्थायी डीजीपी दिया जाएगा।
बिहार: आठ साल का इंतजार खत्म, 56 करोड़ से तैयार हुआ अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय; मंत्री जमा खां करेंगे उद्घाटन
बीपीएसएससी के चेयरमैन के.एस. द्विवेदी भी गए छुट्टी पर
छुट्टी पर जाने वाले अधिकारियों में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के चेयरमैन के.एस. द्विवेदी भी हैं। उन्होंने पारिवारिक कारणों से छुट्टी ली है। उनका प्रभार किन्हें दिया गया है? इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, चर्चा है कि आयोग के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय चयन पर्षद के अध्यक्ष और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जितेंद्र कुमार को दिए जाने की चर्चा है।