भोजपुर में पूर्व के चुनावी रंजिश और आपसी वर्चस्व को लेकर हथियारबंद अपराधियों ने एक पंचायत समिति सदस्य की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी है। हत्या के इस घटना को अंजाम देने का आरोप जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बुटन चौधरी और उसके गुर्गों पर लगाया जा रहा है जो घटना के बाद से ही फरार बताए जा रहे हैं। मामला उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव की है। मृतक बेलाउर गांव निवासी स्वर्गीय नंद कुमार साह के पुत्र दीपक कुमार गुप्ता (42) हैं जो उदवंतनगर प्रखंड के पूर्वी बेलाउर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य भी हैं।
चुनावी रंजिश में हुई पंचायत समिति सदस्य की हत्या
घटना के संबंध में मृतक के पुत्र आयुष कुमार का कहना है कि उनके पिता दीपक साव बेलाउर पंचायत पूर्वी क्षेत्र से पहली बार पंचायत समिति सदस्य निर्वाचित हुए थे। उधर जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बुटन चौधरी की भवह मंजू चौधरी मुखिया हैं। इस वजह से दीपक साव के चुनाव जीतने के बाद से ही उन्हें बेलाउर पंचायत के वर्तमान मुखिया मंजू देवी के परिवार से और जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बुटन चौधरी द्वारा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। शुक्रवार की रात बुटन चौधरी और करीब 6 की संख्या में हथियार से लैस बदमाशों ने पहले शराब पार्टी किया और फिर हमारे पिता जी को घर से बुलवा कर गोली मारकर हत्या कर दी। वहीँ घटना के बाद दहाड़ मारती मृतक की पत्नी मीना देवी ने बताया कि मेरे पति का किसी से भी कोई विवाद नहीं था, लेकिन जब से वह (दीपक) चुनाव जीते तब से बुटन चौधरी और उनके लोगों द्वारा उनके किए जा रहे विकास कार्य को देख कर लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।
छः महीने पूर्व भी हुआ था हमला
आयुष कुमार का कहना है कि उसके पिता दीपक कुमार पर करीब 6 महीने पहले भी बुटन चौधरी के एक गुर्गे के द्वारा उन पर जानलेवा हमला करवाया गया था। इसको लेकर मेरे पिता दीपक कुमार ने स्थानीय थाने में सनहा दर्ज करवाया था। साथ ही आत्मसुरक्षा के लिए जिला प्रशासन से आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन भी दिया था।
डेढ़ साल पूर्व हुई थी एक पंचायत प्रतिनिधि की हत्या
पंचायत चुनाव के करीब डेढ़ साल बाद दूसरे पंचायत प्रतिनिधि का हत्या की गई है। पहली घटना चुनाव के कुछ दिन बाद ही 15 नवंबर 2021 को चरपोखरी प्रखंड के बाबूबांध पंचायत के मुखिया संजय सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।