बिहार की कई विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग से मतदाताओं को इस बारे में आश्वस्त करने को कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव कोविड-19 महामारी के बीच बड़े पैमाने पर संक्रमण फैलाने वाला कार्यक्रम नहीं बनेगा। बता दें कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है। नई विधानसभा का गठन उससे पहले किया जाना है।
विपक्षी दलों ने शुक्रवार शाम आयोग के शीर्ष अधिकारियों के साथ अपनी ऑनलाइन बैठक से पहले चुनाव आयोग को एक ज्ञापन देकर राज्य में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति बताई। ज्ञापन में कहा गया, ‘कोविड-19 महामारी से राज्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पटना में करीब 89 कंटेनमेंट जोन हैं। 16 से अधिक जिलों में 16 जुलाई से और 15 दिनों के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है।’
राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) ने कहा है कि करीब 13 करोड़ की आबादी और 7.5 करोड़ मतदाताओं वाले राज्य में चुनाव आयोग लोगों के बीच कम से कम छह फुट की दूरी कैसे सुनिश्चित करेगा।
ज्ञापन में कहा गया है, ‘लोग पूरी तरह से स्पष्टता चाहते हैं ताकि अधिकतम संख्या में मतदाताओं की भागीदारी प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं हो। लोग आयोग से यह उम्मीद भी करते हैं कि वह लोगों को इस बारे में आश्वस्त करेगा कि समूची चुनाव प्रक्रिया बड़े पैमाने पर लोगों को संक्रमित करने वाला कार्यक्रम नहीं बनेगा। ’