लालू परिवार और उनके करीबियों के घर पर ED के रेड के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मैं महागठबंधन साथ जब से आया हूं तब से इनके (लालू और उनके परिवार) के खिलाफ रेड शुरू हो गया। यह कोई मुद्दा नहीं है। 2017 में रेड हुआ था तो क्या हुआ बताइए। अब फिर 5 साल बीत गया तब से रेड का सिलसिला जारी है। अब हमलोग (लालू+नीतीश) साथ हैं तो रेड हो रहा है।आप जांच कर ही रहे तो जांच कर लीजिए। यह बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अमर शहीद जुब्बा सहनी की पुण्यतिथि पर शनिवार को कही। सुशील मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उनको तो रोज बोलना ही है। उनकी मजबूरी है।
खोदा पहाड़ निकली चुहिया
वहीं JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी लालू और उनके परिवार के समर्थन में उतर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि नौकरी के बदले जमीन मामले में सीबीआई दो बार जांच कर साक्ष्य नहीं जुटा पाई। लेकिन 9 अगस्त 2022 के बाद अचानक दिव्यशक्ति से उनको साक्ष्य मिलने लग गया और लालू प्रसाद और उनके परिजनों के यहां भारी छापेमारी हुई। खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
2024 में देश भाजपा मुक्त होगा
ललन सिंह ने आगे लिखा कि अरे भाई...! साक्ष्य नहीं भी मिलता तो साक्ष्य दिखाने के लिए पालतू तोतें कुछ भी कर सकते हैं। गाय का सींग भैंस में और भैंस का सींग गाय में जोड़ रहे हैं। दावा है कि 'एके इंफोसिस्टम के कारण छापा डाला गया है'... जिसका नौकरी से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन खैर पालतू तोतें अपने मालिक का निर्देश पाकर कुछ भी कर सकते हैं, अघोषित आपातकाल जो है। गर्भवती महिला और छोटे-छोटे बच्चों के साथ इस तरह का निर्मम आचरण देश में पहली बार हुआ है, देश इसको याद रखेगा। दमन चाहे जितना कर लें, 2024 में देश भाजपा मुक्त होगा।
लालू परिवार को बचाने में लगे हैं नीतीश कुमार
इधर, भाजपा के राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार चारा घोटाला से लेकर जमीन के बदले नौकरी घोटाला में सनलिप्त लालू परिवार को बचाने में लगे हुए हैं। 2008 में लालू प्रसाद के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए शरद यादव और ललन सिंह ने ही पहल की थी। इनलोगों ने ही सारे दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध कराए थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन भी दिया था। आज यही लोग लालू प्रसाद पर कार्रवाई रोकने के लिए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख रहे हैं।