कोर्ट में मनीष कश्यप को पेशी के लिए लाया गया।
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यूट्यूबर मनीष कश्यप को अब बेतिया जेल में ही रखा जाएगा। तमिलनाडु केस में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए मनीष कश्यप की पेशी होगी। डिस्ट्रिक्ट प्रोसिक्यूशन ऑफिसर उमेश कुमार विश्वास ने कोर्ट में एक पिटीशन देकर अनुरोध किया कि यूट्यूबर मनीष के ऊपर पटना में भी मामले दर्ज हैं। इसमें भी पेशी का आदेश है। इसलिए मनीष कश्यप को पटना जाने दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने पटना जाने का आदेश जारी किया। बेतिया पुलिस मनीष कश्यप को पटना लेकर जाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले सोमवार सुबह यूट्यूबर मनीष कश्यप कोर्ट में पेशी के लिए बेतिया पहुंचा। सप्तक्रांति एक्सप्रेस से बेतिया स्टेशन पर पहुंचते ही हजारों की संख्या में समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बेतिया पहुंचते ही मनीष को एसपी ऑफिस में पूरी सुरक्षा के साथ रखा गया। मनीष कश्यप की सुरक्षा में 70 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में लगाया गया था।
रंगदारी मांगने, मारपीट करने के केस में पेशी
यूट्यूबर मनीष कश्यप का रेलवे बेतिया स्टेशन पर फूल माला पहना कर उनके समर्थकों ने स्वागत किया। हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे। दरअसल, यूट्यूबर मनीष कश्यप की पेशी भाजपा विधायक उमाकांत सिंह के साथ रंगदारी मांगने, मारपीट करने तथा मझौलिया के पारस पकड़ी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के साथ दुर्व्यवहार करने सहित सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप है। इसी मामले में उसे कोर्ट में पेश किया गया।
18 मार्च को जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया था
बता दें कि अपने ही यूट्यूब चैनल सच तक पर बिहार के मजदूरों के साथ तमिलनाडु में मारपीट करने का फर्जी वीडियो बनाकर अप्लोड करने के मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ईओयू ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था। कई दिनों तक मनीष कश्यप फरार चला। लेकिन, पुलिस के शिकंजा कसने के बाद 18 मार्च को जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया था। सरेंडर करने के बाद 30 मार्च को तमिलनाडु पुलिस की टीम ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई और मदुरई कोर्ट में पेश किया था। मदुरई कोर्ट जाने के बाद मनीष के ऊपर NSA भी लगाया गया था। तब से मनीष कश्यप जेल में बंद था। तमिलनाडु की जेल में बंद यूट्यूबर मनीष कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट से सभी केस को एक जगह करने की मांग की थी। इसमें सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने मनीष कश्यप की बेल और ऐसे याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।