वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटने में मदद की
इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के वरिष्ठ संपादकों तथा संचार विशेषज्ञों ने प्रभावी प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने, प्रेस वार्ता आयोजित करने, संकट संचार प्रबंधन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जन-सम्पर्क अधिकारियों को प्रायोगिक ज्ञान दिये। यूनिसेफ बिहार की संचार विशेषज्ञ डॉ. पूजा पासी ने कार्यशाला का संचालन किया और सत्रों को संवादात्मक और ज्ञानवर्द्धक बनाया। नवनियुक्त पीआरओ ने प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय रूप से भाग लिया, विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे और व्यावहारिक अभ्यास किए ताकि वे सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकें। इन चर्चाओं ने सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटने में मदद की।
सरकारी पहलों की व्यापक पहुंच, जागरूकता और जनता का विश्वास बढ़े
कार्यशाला के समापन के अवसर पर आईपीआरडी के निदेशक, वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि पीआरओ की निरंतर कौशल वृद्धि एवं सक्षमता संवर्द्धन बेहद आवश्यक है, जिससे वे सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य बेहतर ढंग से कर सकें। उन्होंने मीडिया सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया, जिससे सरकारी पहलों की व्यापक पहुंच, जागरूकता और जनता का विश्वास बढ़े। यह पहल पीआरओ को व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक संचार उपकरणों से लैस करते हुए मीडिया के बेहतर प्रयोग तथा उपयोग के लिए सक्षम बनाता है ताकि वे सरकारी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचा सके। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समयबद्ध, पारदर्शी, उत्तरदायित्वपूर्ण तथा सुलभ सूचना सप्रेषण सुनिश्चित करना है, जिससे नागरिकों में जागरूकता और सरकार के प्रति विश्वास बढ़े।