घटना राम कृष्णा नगर के शिवाजी चौक निवासी राधेश्याम प्रसाद की है जो सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। उनके दो बेटों में अमित कुमार एवं अजीत कुमार बेंगलुरु में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि उनके छोटे बेटे अजीत कुमार की शादी लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व आरा निवासी खुशबू कुमारी से हुई थी। शादी में विदाई के बाद से ही खुशबू कुमारी का अपने सास-ससुर एवं पति के प्रति व्यवहार अच्छा नहीं था।
ससुराल में दामाद की कर दी पिटाई
इस बीच शादी के कुछ दिन बाद ही जब खुशबू के पति अजीत कुमार अपने ससुराल गये तो उनके साथ उनकी पत्नी खुशबू और उनके परिजनों ने काफी बदसलूकी की। इस दौरान उनलोगों ने अजीत कुमार के साथ इनलोगों ने मारपीट किया। इस घटना के बाद अजीत कुमार अपनी पत्नी खुशबू को छोड़कर वापस अपने घर लौट आए। अजीत कुमार ने बताया कि डेढ़ वर्ष गुजरने के बाद भी उनकी पत्नी उनके साथ नहीं है। इस बीच खुशबू ने एक बेटे को जन्म दिया है।
अजीत कुमार की 58 वर्षीय मां उमा भारती ने आरोप लगाते हुए कहा कि अभी 2 दिन पहले उनकी बहू खुशबू कुमारी राम कृष्णा नगर स्थित उनके घर पहुंची।घर पहुंचते ही उसने उनके साथ लड़ाई झगड़ा और मारपीट करने लगी। उन्होंने बताया कि खुशबू कुमारी के साथ उनका भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी थे। उमा भारती का कहना है कि खुशबू कुमारी ने धमकी भरे शब्दों में कहा कि जिस मकान में उनकी सास, ससुर रह रहे हैं उस मकान को वे खुशबू के नाम कर दें। जब उमा भारती ने इस बात के लिए मनाही कर दी तब वे सभी लोग उनके साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान उन्हें घर के अंदर बंद करके बाहर से ताला लगा दिया।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान
उमा भारती ने बताया कि किसी तरह मोहल्ला वालों के सहयोग से वह बाहर निकली और किसी तरह डरी सहमी राम कृष्णा नगर थाने पहुंचकर अपनी बहू के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंची लेकिन न्यायालय का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ ली है।