तस्वीर में अस्पताल की भी लापरवाही दिख रही है।
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सहरसा में एक महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर जहर खा लिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को इस बात की जानकारी मिलते ही एसपी कार्यालय में हड़कंप मच गया। आननफानन में पुलिसकर्मियों ने उस महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामला सदर थाना क्षेत्र के सोनबरसा कचहरी ओपी क्षेत्र के विशनपुर की है। महिला की पहचान विजय ठाकुर की पत्नी सिंकी नाई (35) के रूप में की गई है।
सौतेली सास बेच रही सारी संपति
पीड़िता का कहना है कि उसकी तीन बेटी और एक बेटा है। इसलिए परिवार को जिंदा रखने के लिए उसके पति पटना में मजदूरी करते हैं और वह गांव में ही दुकान चला कर अपना और परिवार का जीवन यापन करती है। उसकी सौतेली सास सारा संपति बेच रही है। कुछ दिनों से गांव के ही विजय यादव और अन्य उसे दुकान हटाने के लिए बोल रहे हैं। आज सुबह विजय यादव और अन्य लोग उसके साथ मारपीट भी किये। इसको लेकर उसने गांव के मुखिया सहित अन्य जन प्रतिनिधियों से भी गुहार लगाईं लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।
साहब नहीं सुनते हैं मेरी फ़रियाद
हर जगह से निराश होने के बाद महिला सिंकी नाई सोनबरसा कचहरी ओपी पहुंची, लेकिन वहां भी किसी ने उसकी गुहार को नहीं सुना। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि चौकीदार अरुण पासवान आवेदन को रफ़ा दफा कर देता है। थानाध्यक्ष भी नहीं सुनते। महिला ने कहा कि वह कई बार थाना गई लेकिन वहां के साहब नहीं सुनते हैं मेरी फ़रियाद।
पुलिसिया सिस्टम की हो रही किरकिरी
महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि थाना और ग्रामीणों से तंग होकर वह एसपी कार्यालय पहुंची, लेकिन यहां भी बात नहीं बनी। उसका कहना है कि एसपी कार्यालय एक -दो बार नहीं कई बार आई, लेकिन परिणाम शुन्य ही रहा। आज भी बुलाया गया था, लेकिन अब लड़ने की हिम्मत बाकी नहीं रही। इसलिए सिस्टम से तंग आकर महिला ने एसपी से मिलने से पूर्व बाहर ही साथ लाए एक बोतल से जहर पी लिया। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर का कहना है कि उसकी स्थिति अभी गंभीर है। फिलहाल इस घटना से पुलिसिया सिस्टम की काफी किरकिरी हो रही है।
अब पुलिस अधिकारी की दलील भी जानिये
महिला के जहर खाने के बाद सहरसा पुलिस और पुलिसिया सिस्टम की काफी किरकिरी हो रही है। इस संबंध में अब एसडीपीओ का बयान सामने आया है, जिसमें उनकी दलील पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की साख बचाने के लिए एसडीपीओ आलोक कुमार यह कह रहे हैं कि पारिवारिक विवाद में एसपी कार्यालय के बाहर कोई सीटीसी नाम का जहर पीने की बात सामने आ रही है। एसडीपीओ आलोक कुमार का कहना है कि महिला न तो सीधे एसपी कार्यालय आईऔर न ही कभी सोनबरसा कचहरी थाना गई। विवाद की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। डॉक्टर ने 24 घंटे चिकित्सीय परीक्षण को लेकर भर्ती किया है। हालांकि एसडीपीओ आलोक कुमार का बयान भी काफी चर्चा में है।