Bihar News : केरल में पति-पत्नी मजदूरी करते थे। इस बार होली मनाने अपने घर आये थे, ताकि अपने बच्चों के साथ होली पर्व धूम-धाम से उल्लास के साथ मना सकें। लेकिन दुर्भाग्य देखिये, बुधवार को सारा उल्लास मातम में बदल गया। दंपति की एक साथ मौत हो गई।
होली मनाने केरल से अपने गांव आए दंपति की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान भेल्दी थाना क्षेत्र के लगनपुरा गांव निवासी सुदेश महतो के पुत्र शंकर महतो (28) और उनकी पत्नी रुक्मणी देवी (25) के रूप में हुई है। घटनास्थल पर ही दोनों की मौत होने की सूचना मिलने के बाद भेल्दी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया है।
पति-पत्नी की एक साथ मौत होन के बाद गांव में चर्चा शुरू हो गई है कि मृतक शंकर महतो और पत्नी रुक्मिणी देवी ने सात जन्मों तक एक साथ जीने और मरने की कसम लेकर परिणय सूत्र में बंधने वाले दंपति बुधवार की देर शाम को खेतों में पानी पटाने गए थे। पटवन के दौरान पति को करंट लग गया। उनकी चीख सुनकर उनकी पत्नी अपने पति को बचानेव के लिए दौड़ी, लेकिन इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गई, जिससे दोनों की एक साथ मौत हो गई। इस घटना को देखकर आसपास के लोग भी दौड़कर आये, लेकिन तबतक उनकी मौत हो चुकी थी। फिर ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया है।
मृतक के पिता सुदेश महतो ने बताया कि दो पुत्रों की मौत पहले ही सड़क हादसे में हो चुकी है। अभी उसके गम से ऊबर भी नहीं पाए थे, कि बुधवार की देर शाम मक्के के खेत में पटवन कर रहे पुत्र और पुत्र वधु की मौत ने एक बार फिर झकझोर कर रख दिया है। क्योंकि शंकर ही अब एक मात्र अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। लेकिन अब अपने तीनों पुत्रों के बेटे और बेटियों की पालन पोषण और पढ़ाई की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सबसे अहम बात यह है कि मेरी पत्नी की भी मौत बहुत पहले हो चुकी है।