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Bihar Police: निगरानी ने एएसआई को घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा, आरोपी ने कहा- डीएसपी के कहने पर ले रहा था रिश्वत

Wed, 09 Apr 2025 02:46 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar News: मामला सुपौल जिले के वीरपुर का है। निगरानी के हत्थे चढ़े स्टेनो रीडर (एएसआई) का कहना है कि उसने डीएसपी के कहने पर रिश्वत के पैसे लिए। हालांकि डीएसपी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। निगरानी टीम ने कहा है कि इस बिंदु की भी जांच होगी।
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निगरानी ने रंगेहाथ पकड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने मंगलवार को सुपौल के वीरपुर में बड़ी कार्रवाई की। जहां वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार के रीडर एएसआई स्टेनो बिट्टू कुमार को मंगलवार की सुबह 8:45 बजे 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी वीरपुर एसडीपीओ के सरकारी आवास से हुई। इसके बाद टीम ने बिट्टू को वीरपुर अतिथि गृह लाकर करीब साढ़े चार घंटे तक पूछताछ की। दोपहर एक बजे के बाद उसका मेडिकल कराया गया। फिर निगरानी टीम उसे पटना ले गई। मिली जानकारी अनुसार भीमनगर थाना के कांड संख्या 15/24 से जुड़े मामले में फरियादी से केस में मदद के बदले 30 हजार रुपए की मांग की गई थी। हालांकि, फरियादी ललन कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दी। सत्यापन के बाद निगरानी  टीम ने जाल बिछाया और तय रकम लेने के साथ ही रीडर को गिरफ्तार कर लिया।

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डीएसपी के कहने पर रीडर से मिले, उसने मांगा 30 हजार रिश्वत
दरअसल, 13 मई 2024 को एसएसबी 45वीं बटालियन वीरपुर ने मानव तस्करी के मामले में भीमनगर थाना में केस दर्ज कराया था। इसमें नेपाल के उदयपुर जिले के सोनपुर निवासी निर्मल सादा को गिरफ्तार किया गया था। केस की जांच एसआई भास्कर भारती को सौंपी गई थी। फरियादी ललन कुमार के अनुसार करीब डेढ़-दो महीने पहले पुलिस उनके घर आई थी। कहा गया कि पीड़ित ने उन्हें मेहता गेस्ट हाउस में ठहरने की बात कही है। हालांकि ललन ने बताया कि उनका अतिथि गेस्ट हाउस है, मेहता नहीं। एफआईआर और केस डायरी में उनका नाम नहीं था। बावजूद कहा गया कि उनका नाम आरोपी के रूप में जोड़ा जा सकता है। इससे बचने के लिए एसडीपीओ से मिलने को कहा गया। वही एसडीपीओ से मिलने पर उन्होंने रीडर से बात करने को कहा। जिसके बाद रीडर बिट्टू कुमार ने 30 हजार रुपए की मांग की। बता दें कि बिट्टू कुमार शेखपुरा जिले का निवासी है। वह बीते एक साल से वीरपुर में एसडीपीओ के स्टेनो रीडर के पद पर कार्यरत है। उसकी नौकरी को दो साल ही हुए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग और अन्य सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारी आपस में चर्चा करते देखे गए।

गिरफ्तारी के बाद रीडर के घर की तलाशी, मिले 50 हजार रुपए कैश
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने बिट्टू कुमार के आवास की भी तलाशी ली। जहां एक बैग से 50 हजार रुपए मिले। पूछने पर उसने कहा कि वह रुपए घर भेजने के लिए रखे थे। लेकिन, इसका कोई प्रमाण नहीं मिला। पूछताछ में उसने कहा कि एसडीपीओ के कहने पर मामला रफा-दफा करने के लिए रिश्वत ली गई। हालांकि, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। इस निगरानी टीम का नेतृत्व डीएसपी पवन कुमार कर रहे थे। जबकि टीम में पुलिस निरीक्षक सिकंदर मंडल, अवर निरीक्षक गणेश कुमार, सत्यापनकर्ता कृष्णा मुरारी कश्यप, सिपाही रणधीर कुमार और सुधीर कुमार शामिल थे। डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि भीमनगर थाना कांड संख्या 15/2024 में रीडर बिट्टू कुमार ने 30 हजार की रिश्वत मांगी थी। मंगलवार सुबह उसे फरियादी से रुपए लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। परिजनों को सूचना देकर आरोपी को निगरानी न्यायालय भागलपुर में पेश किया जाएगा। अभी गिरफ्तार रीडर से पूछताछ जारी है। फिलहाल एसडीपीओ के नाम पर रिश्वत मांगने की पुष्टि नहीं हुई है। कोई साक्ष्य भी नहीं मिला है। हालांकि इसकी अलग से जांच की जाएगी।
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