नवादा के सदर अस्पताल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। वहीं, इस दौरान ड्यूटी में तैनात रहे डॉ. मनोज कुमार के साथ हाथापाई करते हुए मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया है। मारपीट की घटना को देखते हुए ड्यूटी में मौजूद सभी लोगों ने अस्पताल छोड़कर भागना शुरू कर दिया। मौके पर स्थानीय लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवा 112 पुलिस पर फोन कर बुलाया, जिसके बाद पूरे मामले को शांत कराया गया।
डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि वीआईपी कॉलोनी मोहल्ला के रहने वाले धर्मशीला देवी नामक एक मरीज अस्पताल में भर्ती हुई और उसी दौरान इलाज के क्रम में मौत हो गया। मरीज को उल्टी सास चल रही थी और मरीज की इलाज की जा रही थी। लेकिन इलाज के क्रम में ही मरीज की तुरंत मौत हो गई। मरीज के परिजन के द्वारा हाथापाई करते हुए मेरे साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले को शांत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि हम लोग पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जिला सदर अस्पताल में कोई भी गार्ड की व्यवस्था नहीं है। कोई सुरक्षा व्यवस्था हम लोगों के लिए नहीं की गई है और आए दिन इसी तरह की घटना घट रही हैं। लेकिन किसी भी प्रकार का कोई सुरक्षा नहीं है।
ड्यूटी में रही महिलाकर्मी भी अपनी ड्यूटी को छोड़कर बाहर भाग गई थी। मामला शांत होने के बाद सभी लोग अस्पताल पहुंच गए हैं। अब फिर से सभी लोग अपने ड्यूटी पर तैनात हैं। सबसे बड़ी सवाल यह है कि नवादा की सदर अस्पताल में कोई सुरक्षा व्यवस्था डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी के लिए नहीं है। तीन दिन पहले भी नवादा के प्रसूति वार्ड में महिला स्वास्थ्यकर्मी के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था। मारपीट कर बदमाशों के द्वारा आराम से अस्पताल से फरार हो गए, लेकिन बदमाशों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्वास्थकर्मी महिला खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई थी।
मौके पर पहुंचे गोविंद प्रसाद सिंह सब इंस्पेक्टर ने बताया कि 112 पर सूचना मिला कि सदर अस्पताल में हंगामा हो रहा है। तो डॉक्टर ने बताया कि मरीज की उल्टा साथ चल रही थी। उसी तरह मृत्यु हो गई तो परिजन के द्वारा हंगामा किया गया और परिजन को लाश ले जाने की अनुमति भी डॉक्टर के द्वारा दिया गया।