बिहार शरीफ मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध हालत में गुरुवार रात पावापुरी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। मृतक रहूई थाना क्षेत्र के पुन्हा गांव निवासी रामातार पासवान का (33) वर्षीय पुत्र भिखारी पासवान है।
मृतक के परिजन जेल प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जेल पुलिस के द्वारा उन्हें सही समय पर सूचना नहीं दिया गया। जब वे लोग भिखारी पासवान को देखने पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उनकी तबियत बिगड़ी हुई थी। इलाज के क्रम में देर रात उनकी मौत हो गई, कुछ दिन बाद वह जेल से छूटकर बाहर आने वाले थे।
दरअसल, एक साल से भिखारी पासवान पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। भिखारी पासवान के ससुराल वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए रहुई थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। भिखारी पासवान पर अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप है। बिहार शरीफ मंडल कारा के जेल अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि सांस लेने की तकलीफ के उपरांत उन्हें बिहार शरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से पावापुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। एक साल पूर्व मां और अब पिता की मौत के बाद पांच बच्चों के सिर से दोनों की छाया उठ चुकी है। वहीं इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।