बिहार में लाल बालू का खेल में वरीय और कनीय अधिकारियों की मिली भगत और सांठगांठ किसी से छुपी हुई नहीं है। हालांकि मामला उजागर होने पर वरीय अधिकारियों द्वारा अपने मातहत कार्य करने वाले कनीय अधिकारियों पर गाज गिरा दिया जाता है। लेकिन, इस बार अवैध रूप से बालू माफियाओं से सांठगांठ रखने और बालू लदे वाहनों को पास कराने के मामले में सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने सोनपुर थाने में पदस्थापित दो दारोगा सहित 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
दो पुलिस अवर निरीक्षक से शोकॉज
इस संबंध में सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने बयान जारी कर बताया है कि सोनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध बालू माफियाओं से सांठगांठ रखने एवं अवैध बालू लदे वाहनो को पास कराने की सूचना मिलने के बाद पुलिस निरीक्षक सह उक्त थानाध्यक्ष राजनंदन से जांच कराई गयी। जिनके द्वारा आरोपों की पुष्टि की गई। उसके बाद पुलिस अवर निरीक्षक रामानंदन सिंह और राकेश रंजन झा के साथ नौ हवलदार- सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन हाजिर किया गया है। निलंबित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। बिहार पुलिस या सारण पुलिस द्वारा अवैध कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों या कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई जाती है, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
दो दिन पहले भी कार्रवाई, फिर भी बेअसर
दो दिन पहले भी सारण के पुलिस अधीक्षक द्वारा जीरो टॉलरेंस नीति के तहत गलत कार्यों में संलिप्त पाए जाने के बाद दिघवारा और डोरीगंज थाने के थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद वरीय अधिकारियों का डर या भय नहीं है, जिस कारण आए दिन पुलिस पदाधिकारियों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई की जाती रही है। बिहार में बालू उत्खनन पर रोक लगी हुई है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस पदाधिकारियों द्वारा बालू लदे ट्रक को पास कराया जाता है। सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष द्वारा जिले के दिघवारा थाना क्षेत्र में अवैध बालू माफियाओं को अपना संरक्षण देने एवं दलाल के द्वारा अवैध बालू ट्रक को पास कराये जाने के बाद थानाध्यक्ष रवि शंकर और पुलिस अवर निरीक्षक राजकुमार सिंह पर कार्रवाई की गई थी।