उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में पांच घंटे तक बिजली बाधित रही। मजबूरन चिकित्सकों और मेडिकल कर्मियों को टॉर्च का सहारा लेकर काम करना पड़ा। एक घंटा के बाद जब लोगों ने हंगामा किया तब अस्पताल प्रबंधन की नींद खुली और तब जाकर पांच घंटे बाद अस्पताल में बिजली पुनर्बहाल हो पायी।
आउटसोर्सिंग जेनरेटर कंपनी ने अचानक कर दिया हड़ताल
इस संबंध में अस्पताल कर्मियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग जेनरेटर कंपनी ने हड़ताल कर दिया था जिस वजह से पूरे डीएमसीएच में पांच घंटे तक बिजली गुल रही मजबूरन स्वास्थ्यकर्मियों को टॉर्च की रौशनी में मरीजो का इलाज करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस कम्पनी ने आज अचानक बिना किसी सूचना दिए हड़ताल कर दिया जिस कारण यहां इलाज कराने आये मरीजों का इलाज करने में डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ICU सहित सहित विभागों में अँधेरा
DMCH के मेडिसिन, गायनिक, सर्जरी, ऑर्थो और ICU सहित लगभग सभी विभाग अँधेरे में डूब गये। ICU भी मोबाइल की रौशनी मे चल रहा था। भीषण गर्मी के बीच बिना पंखे और AC के मरीज़ का इलाज़ मोबाइल की रोशनी से होता रहा। बिजली कटने से मरीज के परिजन परेशान होकर इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से की। सूचना मिलते ही डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ हरेंद्र कुमार ICU पहुंचे। लेकिन उनके आने के बाद भी मरीजों को कोई फायदा नहीं मिला।
जेरनेटर ऑपरेटर ने अचानक किया हड़ताल
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि बकाया भुगतान नहीं होने के कारण अस्पताल के जेरनेटर ऑपरेटर ने हड़ताल कर दिया| इस संबंध में डीएमडीएच उपाधीक्षक डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में सुविधा नहीं देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। हलांकि उन्होंने यह भी बताया कि जेरनेटर ऑपरेटर की जो भी समस्या थी उसपर वार्ता हो गयी थी, कुछ पेमेंट भी दिया गया था और जो कुछ बाकी है उसे भी निर्गत करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में मरीज को परेशानी नहीं होने दिया जायेगा |