केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और राकेश कुमार सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री व लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) की लोकसभा सदस्यता को चुनौती देने वाले पटना के राकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी में नहीं हैं। बिहार प्रदेश भाजपा ने दो टूक कर दिया है। इसको लेकर भाजपा प्रवक्ता दानिश इकबाल की ओर लेटर जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुद को भारतीय जनता पार्टी का नेता बताने वाले राकेश कुमार सिंह हमारे गठबंधन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में भ्रामक खबरें और प्रचार फैलाकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सम्मानित सहयोगी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, भारतीय जनता पार्टी इन दावों का खंडन करती है कि राकेश कुमार सिंह न तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और न ही हमारी पार्टी से जुड़े हैं किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से।
चिराग पर लगाए कई गंभीर आरोप
बता दें कि राकेश सिंह 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी के टिकट पर घोषी से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि वह चुनाव हार गए थे। चिराग के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद उन्होंने खुद को भाजपा का नेता बताया था। इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया था कि चिराग पासवान का कोई वजूद ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया था कि चिराग पासवान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में दायर किए गए हलफनामा में अपनी प्रॉपर्टी के बारे में भी तथ्य छुपाए हैं। उसमें सिर्फ पटना के एसके पुरी के घर के बारे में बताया है। जबकि अपने पैतृक गांव में 80 एकड़ जमीन का जिक्र तक नहीं किया।
चिराग पासवान के खिलाफ शिकायत की
इतना ही नहीं राकेश सिंह ने चिराग की बीटेक की डिग्री पर भी सवाल उठाया है। राकेश सिंह ने आरोप लगाया था कि चिराग ने रेप एक मामले को छुपाया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश पर वहां 2021 में पुलिस ने केस दर्ज किया था। यह जानकारी भी उन्होंने छिपाई। राकेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री चिराग के खिलाफ पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही। साथ ही चुनाव आयोग से भी शिकायत करने का दावा किया है।