नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता के लिए एक संदेश लिया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने इस संदेश के जरिए सीएम नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल पर न सिर्फ सवाल उठाए बल्कि डबल इंजन की सरकार को खटारा भी कह दिया। उन्होंने कहा कि हम उनसे पूछना चाहते हैं कि तेजस्वी के मुंह से निकलने के बाद ही आप किसी योजना के प्रति आकृष्ट क्यों होते हैं? आपको तेजस्वी के आइडिया लेकर ही सरकार चलानी है तो फिर आप 20 साल से कुर्सी पर बैठे हुए बिहार के लिए क्या सोच रहे हैं? नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि चाहे आरक्षण व जातीय जनगणना का प्रश्न रहा या फिर युवाओं को नौकरी देने का, हमने कहा था कि हम सरकार को नाक रगड़ने पर इतना मजबूर कर देंगे कि वो जनता से किया वादा पूरा करे, हमने वही कर दिखाया है। सरकार में बैठे लोग कुर्सी के लिए चिंतित, भयभीत, लोलुप और व्याकुल हैं। आइए जानते हैं तेजस्वी यादव ने और क्या क्या बातें कहीं...
हमसे पूछा जाता था कि कहां है 10 लाख नौकरियां?
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम सभी ने साथ मिलकर बिहार को बदलने का जो संकल्प लिया था उसके परिणाम अब थोड़े बहुत दिखने लगे हैं। लगभग 20 साल तक 'असंभव' शब्द और 20 बरस पूर्व की सरकार को दोष देने के सहारे जनता को भ्रमित करते हुए अलट-पलट कर सिद्धांतहीन, उदासीन, इच्छाशक्ति के घोर अभाव और लक्ष्य को दुष्कर समझने वाली सरकार चलाते रहे। हमने 2020 चुनाव में आधुनिक व नए बिहार का एक बेहतरीन ब्लूप्रिंट बनाया, बिहार को नम्बर एक राज्य बनाने का लक्ष्य रखा तथा देश में सबसे अधिक युवा आबादी वाले युवा बिहार प्रदेश के नौजवानों को एक साथ 10 लाख नौकरियां देने का प्रण लिया। तब यही एनडीए सरकार हमारी घोषणा, इरादे और वादे का उपहास करती थी और हमसे पूछा जाता था कि कहां है 10 लाख नौकरियां? कहां से देंगे नौकरी? पैसा कहां से आएगा? हमने अपने 17 महीनों के छोटे से कार्यकाल में बिना पेपरलीक, लेटलतीफ़ी और विवाद के पांच लाख नौकरियां देकर दिखाई तथा साढ़े पांच लाख नौकरियां प्रक्रियाधीन कर अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर दिखा दिया।
65 प्रतिशत आरक्षण के लिए रोड़ा अटकाती रही है सामंती सोच
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम बिना विचलित हुए वंचितों, दलितों, पिछड़ों-अतिपिछड़ों और गरीबों को हक दिलाने के लिए लड़ते रहे। हमने खुल कर चेतावनी के साथ कहा कि जातिगत जनगणना समय, न्याय और अधिकार की मांग है। ये होनी चाहिए और बिहारवासी एकजुट होकर इसे करा कर रहेंगे। बिहार की एकता का परिणाम पूरे देश को लाभ के रूप में मिला। 65 प्रतिशत आरक्षण के लिए भले ही संविधान विरोधी संघी एवं सामंती सोच रोड़ा अटकाती रही है पर हम आपको वचन देते हैं कि हमारी इच्छाशक्ति और आपका सहयोग, समर्थन व स्नेह जल्द ही वो दिन लाएगा जब बिहार में 65 प्रतिशत से अधिक आरक्षण यानी हिस्सेदारी के हिसाब से हक़ मिलेगा।
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एनडीए सरकार ने महंगाई में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी की है
हम शुरू से कहते रहे कि एनडीए सरकार ने महंगाई में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी की है। हमने ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार किया कि जो 20 साल से ये सरकार ना कर सकी। हमने वादा किया कि जातीय और आर्थिक सर्वे में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को 2 लाख रुपए देंगे एवं हम वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपये महीना से बढ़ा कर 1500 रुपये करेंगे। हमारी इस घोषणा से 20 साल से कुंभकर्णी नींद सोयी सरकार उठ गई, गद्दी की चिंता सताने लगी तो हमारी नक़ल करने लगे, पेंशन के टेंशन में जनता के हमदर्द बनने का ढोंग करते हुए वही घोषणा ख़ुद भी कर रहे हैं।
तेजस्वी ने पास बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का ब्लूप्रिंट
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी तो शुरुआत है, बिहार को कैसे पांच साल के अंदर देश में नम्बर-एक राज्य बनाना है, तेजस्वी के पास उसका पूरा ब्लूप्रिंट है। चुनाव तक सरकार को मजबूर कर देंगे कि वो महिलाओं के लिए हर महीने 2500 रुपये देने वाली “माई बहन मान योजना” जैसी किसी योजना की घोषणा एवं नकल करे, गैस सिलेंडर जो इन्होंने 1200 रुपये से भी ज़्यादा का कर दिया है उसके दाम घटाने की घोषणा करे, चीटर-मीटर के जरिए बिजली बिल में लूट को समाप्त कर 200 यूनिट फ्री बिजली देने, जमीन सर्वे में गड़बड़ी रोकने, डोमिसाइल नीति लागू करे।
बस पांच साल के अंदर बिहार पूरे देश में नंबर वन होगा
तेजस्व यादव ने तंज कसते हुए कहा कि हमें ये भी पता है कि ये डबल इंजन, डबल स्टैण्डर्ड वाली सोच के लोग, मूलतः जनता को ट्रबल देने वाली खटारा सरकार है। चुनाव तक तो सब वादे बिहार की जनता से कर लेंगे लेकिन चुनाव बाद जब जनता के लिए कुछ करने का अवसर आयेगा तो अपने -अपने दामाद, जीजा और परिजनों को आपका हक मार कर दे दिया जाएगा। इसलिए बिहार की जनता के साथ मिलकर हमने भी तय कर लिया है कि एक-एक जुमले, झूठ, प्रपंच, ग़ैरबराबरी का हिसाब बिहार की जनता के साथ मिलकर इनसे लिया जाएगा। वोट की ताक़त से इनको सत्ता से उतार दिया जाएगा, एक नए बिहार का नया सूरज बिहार में उदय होगा। यकीन मानिए! बिहार को सच्चाई, मेहनत, स्वाभिमान, संविधान, साहस व सहभागिता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। तेजस्वी आपसे वादा करता है कि 20 साल के इस चौपट राज की कमी गिनाने की बजाय, सरकार बनने के पहले दिन से सिर्फ और सिर्फ़ समावेशी विकास एवं सकारात्मक, प्रगतिशील, रिजल्ट ओरिएंटेड पॉलिटिक्स के साथ बिहार को आगे ले जाने की सकारात्मक बातें होगी।