तमिलनाडु के सेंट्रल मंडल कारा मदुरई में बंद यूट्यूब मनीष कश्यप को 27 जून को बेतिया न्यायालय में पेश होना है। लेकिन, तमिलनाडु पुलिस सोमवार शाम तक बिहार नहीं पहुंची है। सेंट्रल कारा मदुरई के अधीक्षक वर्चुरल पेशी की बात कह रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ऐसा भी हो सकता है कि तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को कोर्ट में सदेह पेश ही न करें। इधर, यूट्यूबर की पेशी के दौरान उसका एक झलक पाने के लिए उसके चाहने वालों का आने का सिलसिला शुरू हो गया है। कई जिलों से उसके समर्थक बेतिया पहुंचे लगे थे। सोमवार सुबह आरा से बेतिया व्यवहार न्यायालय पहुंचा सोमेश्वर प्रसाद उर्फ दानिश ने बताया कि यूट्यूबर मनीष कश्यप का वह बहुत बड़ा फैन है। उसकी एक झलक पाने के लिए आरा से बेतिया पहुंचा है। उसने बताया कि उसे मालूम था कि यूट्यूब पर मनीष कश्यप का पेशी बेतिया व्यवहार न्यायालय में 26 जून को होना। उनका एक झलक पाने के लिए दानिश पहुंचा हुआ है।
27 जून को बेतिया न्यायालय में सदेह उपस्थित होना है
बता दें कि यूट्यूबर मनीष कश्यप पर बीजेपी विधायक उमाकांत सिंह के साथ मारपीट रंगदारी मांगने के आरोप में मझौलिया थाने में कांड संख्या 737/2020 दर्ज है। जिसमें वो नामजद अभियुक्त हैं। इसी मामले में 27 जून को त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप को बेतिया न्यायालय में सदेह उपस्थित होना है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने यह आदेश दिए हैं। न्यायालय ने सेंट्रल कारा मदुरई के अधीक्षक के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यूट्यूबर मनीष कश्यप की पेशी कराने के अनुरोध को इनकार कर दिया है। बता दें कि पहले भी कोर्ट में पेश नहीं हो सका था मनीष कश्यप न्यायालय ने अधीक्षक को हर हाल में आगामी 27 जून को सेंट्रल कारा मदुरई से बेतिया न्यायालय में उपस्थापन कराने का आदेश दिया है।
यूट्यूबर के खिलाफ प्रोटेक्शन वारंट जारी किया गया
जिला अभियोजन पदाधिकारी उमेश कुमार विश्वास ने बताया कि त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप के खिलाफ मझौलिया थाना कांड संख्या 737/2020 न्यायालय दंडाधिकारी मंजूर आलम प्रथम श्रेणी के कोर्ट में पेशी के लिए लंबित चला आ रहा है। इसी मामले में कोर्ट द्वारा उसके खिलाफ प्रोटेक्शन वारंट जारी किया गया है। इसी मामले में 27 जून को त्रिपुरारी तिवारी उर्फ मनीष कश्यप का उपस्थापन कराने की प्रक्रिया चलती रही।
18 मार्च को कुर्की जब्ती के दौरान मनीष ने किया था सरेंडर
बता दें कि पिछले 17 मार्च को मझौलिया पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक पारस पकड़ी के शाखा प्रबंधक के साथ दुर्व्यवहार करने एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप के खिलाफ न्यायालय से कुर्की जब्ती आदेश प्राप्त किया था। 18 मार्च के सुबह कुर्की करने के लिए पुलिस मनीष के घर पहुंची भी थी। उसी दौरान मनीष कश्यप ने जगदीशपुर थाना में आत्मसमर्पण कर दिया था। क्योंकि तमिलनाडु फर्जी वीडियो वायरल मामले में बिहार आर्थिक अपराध ईकाई की पुलिस जांच कर रही थी। इसलिए मझौलिया पुलिस मनीष को इस केस में रिमांड के लिए बेतिया न्यायालय में उपस्थापन नहीं करा सकी। बिहार आर्थिक अपराध इकाई की पुलिस मनीष कश्यप को लेकर पटना चली गई। बाद में मनीष अन्य मामले में मदुरई जेल चला गया।