पटना में प्रदर्शन करते करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
पटना में एक बार फिर छात्रों का आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर विधानसभा घेराव करने के लिए मार्च निकाला। लेकिन, पटना पुलिस ने इन्हे रोक दिया। इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई।प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ते ही पुलिस ने विधानसभा मार्च को रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगा दी। इसके बावजूद छात्र बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई। हालांकि, पुलिस ने डाक बंगला चौराहे तक छात्रों को रोकने में सफलता प्राप्त की। डाक बंगला चौराहे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चारों ओर से घेर लिया और उन्हें विधानसभा घेराव की ओर बढ़ने से रोक दिया।
सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे
प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र शामिल थे, जो अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। हालांकि पुलिस के कड़े विरोध और बैरिकेडिंग के बावजूद, छात्रों का संघर्ष जारी रहा, और वे अपनी आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध दिखे।छात्र नेता गौतम आनंद ने कहा कि सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। इससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। हमलोग लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं है। हमें बर्बर तरीके से रोका जा रहा है। लाखों छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
छात्रों ने कहा- हमारी इन मांगों को पूरा करे सरकार
- रिक्त पदों पर बहाली: छात्रों की मांग है कि राज्य में सभी रिक्त सरकारी पदों को भरा जाए, विशेष रूप से शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मियों की कमी को पूरा किया जाए।
- शैक्षणिक सत्र का नियमितीकरण: शैक्षणिक सत्र को नियमित किया जाए और एकेडमिक कैलेंडर लागू किया जाए ताकि छात्रों को सही समय पर शिक्षा मिल सके।
- छात्र संघ चुनाव: सभी विश्वविद्यालयों में नियमित छात्र संघ के चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों की आवाज को सही प्लेटफार्म मिले।
- बीपीएससी परीक्षा रद्द: छात्रों ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा को रद्द कर पुणे परीक्षा की मांग की और पेपर लीक को लेकर सख्त कानून बनाने की अपील की।
- निशुल्क नामांकन: राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी छात्राओं और एससी/एसटी छात्रों का निशुल्क नामांकन किया जाए।
- बेरोजगारी भत्ता: सभी बेरोजगारों को रोजगार या हर महीने ₹10,000 बेरोजगारी भत्ता मिले।
- नॉन नेट फैलोशिप: नॉन नेट फैलोशिप की सुनिश्चितता की जाए और एचडी नामांकन में पारदर्शिता लाई जाए।
- संविदा भर्ती पर रोक: संविदा भर्ती पर रोक लगाई जाए और संविदा पर बहाल कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
- शुल्क वृद्धि पर रोक: शिक्षा के सभी स्तरों पर शुल्क वृद्धि पर रोक लगाई जाए।
- युवा आयोग का गठन: राज्य में युवा आयोग का गठन किया जाए ताकि युवा वर्ग से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।